भोपाल। कुछ दिनों पहले भोपाल के आईसीआईसीआई बैंक पर ये आरोप लगा था कि उसके तीन वसूली एजेंटों की गुंडागर्दी से परेशान होकर एक ऑटो ड्राइवर ने खुदकुशी कर ली। इस ऑटो ड्राइवर ने बैंक से ऑटो लोन लिया था। अब इस मामले में बैंक ने अपनी सफाई दी है।
कर्ज चुकाने में नाकाम पैंतीस साल के इस ऑटो ड्राइवर ने पांच दिन पहले तालाब में कूदकर जान दे दी थी और सुसाइड नोट में तीन एजेंटों के नाम लिखे थे। ऑटो ड्राइवर धर्मराज की पत्नी ने भी आरोप लगाया था कि उनके पति बैंक के लोगों की वजह से परेशान थे। बैंक का कर्जा चुकाने के लिए उन्होंने बाज़ार से महंगी दर में औऱ कर्जा ले लिया था। इन तमाम संगीन आरोपो के बाद आज इस मामले में आईसीआईसीआई बैंक ने एक बयान जारी कर सफाई दी है।
आईसीआईसीआई बैंक के मुताबिक मुसीबत की इस घड़ी में हम परिवार के साथ हैं। बैंक साफ तौर पर ये कहना चाहेगा कि हमारा कोई अधिकारी या एजेंट ग्राहक के घर पर नहीं गया। कर्जे की एजेंसी नियुक्त करने और कर्ज वसूली की प्रक्रिया के लिए बैंक की अपनी निर्धारित नीति है जिसका बैंक सख्ती से पालन करता है। पुलिस जांच में बैंक की तरफ से पूरा सहयोग दिया जाएगा।








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