नई दिल्ली। भारत में मौत और तबाही की साजिश रचने वाले दाऊद को जिस पाकिस्तान ने पनाह दी। लेकिन अब वही पाकिस्तान दाऊद को अपना सबसे बड़ा दुश्मन नजर आने लगा है। दाऊद को वाकई डर लगने लगा है। दाऊद वाकई पाकिस्तान छोड़ देना चाहता है। बीस साल से जिसे उसे अपना घर समझा अब वही घर उसे काटने को दौड़ रहा है। दाऊद पाकिस्तान से अपना सारा धंधा और अपना सारा काम समेट लेना चाहता है।
मुंबई पुलिस के हत्थे चढा़ हमजा दाऊद का बेहद करीबी रहा है। 1993 के बम धमाकों की साजिश में इसने हथियारों की खेप पहुंचाने का काम किया था। धमाकों के बाद से गायब 1996 से 1997 के बीच ये शख्स तीन बार पाकिस्तान गया, यहां तक कि साल 2005 में दाऊद के बेटे मुश्तकीन की शादी में भी ये शख्स शरीक हुआ था। अब जाकर इस साल फरवरी महीने में ये शख्स मुंबई पुलिस के हत्थे चढ़ पाया है। मुंबई पुलिस को जितना कुछ इस शख्स ने बताया उससे दाऊद का एक बेहद खौफनाक प्लान सामने आता है।
पाकिस्तान और दाऊद के रिश्तों को लेकर अब तक तीन बातें मानी जाती रहीं।
2. आईएसआई दाऊद को सिर आंखों पर बिठाती है
3. दाऊद पाकिस्तान में सुरक्षित है
लेकिन अब ये तीनों बातें पलट चुकी हैं -
1. दाऊद अब पाकिस्तान सरकार को खटकने लगा है।
2. आईएसएआई दाऊद की हरकत पर नजर रखने लगी है।
3. दाऊद को लगता है अब वो पाकिस्तान में महफूज नहीं।
मुंबई पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद हमजा ने बताया कि दाऊद पाकिस्तान छोड़ कर दक्षिण अफ्रीका में अपना पैर जमा सकता है। दाऊद पर भारत में एक नहीं बल्कि दर्जन भर से ज्यादा बेहद संगीन मामले दर्ज हैं। दाऊद 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों का सीधा आरोपी है।
ऐसे में दाऊद पाकिस्तान जैसे ही देश में महफूज रह सकता है। जहां भारत के खिलाफ एक तरह की आबोहवा बनी रहती है। मगर अगर दाऊद पाकिस्तान छोड़ना चाहता है तो उसके पास फिर किसी ऐसे ही देश की ओर जाने उपाय बचता है जिस देश का भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि ना हो।
मुंबई पुलिस के हत्थे चढ़े दाऊद के इस करीबी कारिंदे फिरोज अब्दुल राशिद ने अबतक जितना कुछ बताया है उससे यही लगता है कि दाऊद, उसका भाई अनीस, उसका करीबी टाइगर मेमन और दूसरे लोग बहुत जोर शोर से एक ठिकाने की तलाश कर रहे हैं और वो नया ठिकाना हो सकता है दक्षिण अफ्रीका में। अफ्रीका में दाऊद और उसकी कंपनी के पास अपने पांव पसारने के लिए पुख्ता जगह भी है। जमीन भी है और आसमान भी है। अफ्रीकी देशों के सोने के खान और हीरों का धंधा अंडरवर्ल्ड को आज से नहीं लुभा रहा है।
दक्षिण अफ्रीका हो या फिर उसके अलावा अफ्रीकी महादेश का कोई दूसरा देश केनिया, तंजानिया, युगांडा जैसे देशों में पहले से भी कई तरह के धंधों में लगे हुए हैं दाऊद और उसके लोग। इतना ही नहीं कई अफ्रीकी देशों में जिस तरह की अराजकता का माहौल है उसमें अपने आपको जमाने और अपना धंधा चमकाने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पाकिस्तान के उत्तरी पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों में जिस तरह तालिबान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई चल रही है। जिस तरह पाकिस्तान के कई हिस्सों में अमेरिकी सेना का दबाव बढ़ रहा है जिससे दाऊद के अंडरवर्ल्ड की पूरी सल्तनत पर खतरा मंडराने लगा है। कई बार दाऊद के करीबी साथियों और उसके भाइयों पर हमले तक की खबरें भी आ चुकी हैं।
पिछले ही साल 5 जून को दाऊद के भाई अनीस इब्राहिम पर उस वक्त गोलियों की बौछार कर दी गई जब वो कराची के अल हबीब बैंक के एटीएम से बाहर निकल रहा था। अनीस को निशाना बनाते हुए दर्जन भर गोलियां चलाई गईं। अनीस के अस्पताल में भर्ती होने की खबरें भी आईं और ये भी पता चला कि हमलावर बलूचिस्तान इलाके के थे।
दाऊद और उसकी डी कंपनी पाकिस्तान की आईएसआई के लिए कई मायनों में अपनी खास अहमियत रखती है। आईएसआई हर हाल में दाऊद को न भारत के हाथ लगने देना चाहता है न ही अमेरिकी एजेंसियों के। ऐसे में आईएसआई दाऊद और उसकी कंपनी के कारिंदों की हर हरकत पर नजर बनाए हुए रखना चाहता है। दाऊद की भी मजबूरी यही है अगर उसे पाकिस्तान में सुरक्षित रहना है आईएसआई के मुताबिक रहना पड़ेगा नहीं तो तालिबानी लड़ाकों, अमेरिकी सेना और यहां तक कि आतंकवादी संगठनों के निशाने पर बने रहना खतरे से खाली नहीं होगा।
एक वक्त था जब दाऊद दुनिया के कई हिस्सों में अपना साम्राज्य फैलाए हुए था। शारजाह से लेकर साउदी अरब के कई देशों मे आज भी दाऊद के नाम पर गैस स्टेशन हैं, प्रापर्टी और शेयर बाजार में पैसे लगे हैं। 9/11 के हमले के बाद से युरोप और अमेरिका के कई देशों में दाऊद का धंधा बंद हो चुका है।








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