माया ने लखनऊ में हुई महारैली में नोटों का हार क्या पहना, हर तरफ कोहराम मच गया। सड़क से लेकर संसद तक हर तरफ माया के इस कदम का विरोध हो ही रहा था कि एक बार फिर उन्होंने सबको तकरीबन मुंह चिढ़ाते हुए फिर हार पहन लिया। सवाल ये कि उनका यह कदम क्या गलत है या फिर विरोधी उनकी बढ़ती लोकप्रियता से चिढ़कर ऐसा कर रहे हैं, क्या उन्हें दलित की बेटी के बजाए दौलत की बेटी कहना उचित होगा, क्या इस परंपरा की लिए दूसरी पार्टियां भी दोषी नहीं हैं। आप इस बारे में क्या सोचते हैं। आप ये और इन जैसे कई सवाल सीधे आईबीएन7 के एग्जेक्यूटिव एडिटर प्रबल प्रताप सिंह से पूछ सकते हैं।सवाल भेजें।








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