नई दिल्ली। कुछ लालची लोग मुनाफा कमाने के लिए आपकी जान जोखिम में डाल रहे हैं। रसोई गैस सिलेंडर में पानी भरकर ये मुनाफाखोर आपकी जेब और जान दोनों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। यानी पैसे तो आप गैस के चुकाते हैं लेकिन बदले में आपको मिलता है पानी। आईबीएन7 के खुफिया कैमरे में कैद है सच्चाई।
दरअसल जब आपके घर तक गैस पहुंचती है तो उसकी सील जस की तस होगी और उसका वजन भी जस का तस होगा। लेकिन उसमें 14 किलोग्राम गैस नहीं होगी। क्योंकि रसोई गैस सिलेंडर में पानी भर दिया जाता है।
दरअसल जिस सिलेंडर में पानी डाला जाता है उसमें से गैस चोरी की जा चुकी होती है। उसमें से कुछ किलो गैस पहले ही निकाल ली जाती है। जिससे सिलेंडर हल्का हो जाता है उसका वजन पूरा करने के लिए उसमें पानी भर दिया जाता है।
गौरतलब है कि एलपीजी पानी से हल्की होती है। लिहाजा अगर पानी को सिलिंडर में थोड़े प्रेशर से भरा जाए तो वो आसानी से सिलिंडर में चला जाता है। लेकिन ऐसी चोरी जोखिम भरी है। एक चूक आपकी रसोई में बम बन कर फट सकती है।
यानि साफ है कि गैस चोरी का ये तरीका ना सिर्फ आपकी जेब पर भारी पड़ता है बल्कि आपकी जान पर भी भारी पड़ सकता है। क्योंकि रसोई गैस के ये चोर लगातार सिलेंडरों से छेड़छाड़ करते हैं। और ये सब काम आपके घर तक पहुंचाने वाले डिलिवरी मैन करता है।
अपनी कारीगरी दिखाने के बाद डिलिवरी मैन यही सिलेंडर आपके घर पहुंचाते हैं। यानि वो सिलेंडर जिसकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया गया हो, वो सिलेंडर जो कभी भी गैस लीक कर सकता हो। ये धंधा खुलेआम चल रहा है लेकिन किसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
मालूम हो कि हर सिलेंडर में 14.2 किलो गैस होनी चाहिए। इस काले धंधे में जुड़े लोग हर सिलेंडर से 3-4 किलो गैस निकालते हैं। जो चोरी के सिलेंडर भरे जाते हैं और चोरी के बाद असली सिलेंडर में सील और कैप उसी होशियारी से वापस लगा दिया जाता है।
लोगों की आंखों में धूल झोंकने का ये रैकेट दिल्ली-एनसीआर में धड़ल्ले से चल रहा है। सवाल ये कि क्या कानून के रक्षकों को इसकी खबर नहीं है। या फिर जानते बूझते भी आंखें बंद रखने का सिलसिला चल रहा है।
सरकार ये तो मानती है कि गैस सिलेंडरों में इस तरह की चोरी हो रही है, लेकिन ठोस कार्रवाई करने के बजाय वो जनता को जागरुक होने की नसीहत दे रही है। सवाल ये है कि क्या लोगों को आंखें खुली रखने की नसीहत देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ सकती है।
आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि हर रोज दिल्ली में गैस सिलिंडर में खराबी की करीब 50 शिकायतें आती हैं।
इसके अलावा वजन में कमी 1000 मामले दर्ज किए जाते हैं।








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