सांगली। अंधविश्वास के आपने कई किस्से सुने होंगे और कई वाकयों को देखा भी होगा। लेकिन सांगली जिले की वलवा तहसील के भाटवड़े गांव में जो हुआ उसे देख किसी की भी रूह कांप जाए। यहां मासूम बच्चों को पालने में बिठा कर 50 फुट गहरे कुएं में डाला गया। मान्यता ये कि इससे बच्चों की उम्र लंबी होगी। लोगों का मानना है कि ऐसा करने से बच्चे और गांव के खराब दिन दूर हो जाते हैं। ये जगह महाराष्ट्र के गृह मंत्री का ही क्षेत्र है।
गांव में पुराना चीलाई देवी का मंदिर है। ढोल-नगाड़े की थाप के बीच यहां एक के बाद एक कई बच्चों को जबरन एक पालने में बिठाया गया। बच्चे रोते रहे मगर किसी का दिल नहीं पसीजा। पालने के चारों पायों से चार रस्सियां बांधी गईं फिर पालने में बच्ची को बैठाकर धीरे-धीरे कुएं में उतार दिया गया।
कुएं की दीवारों के बीच बच्चे खुद को अकेले पाकर चीखते रहे। लेकिन उनके पालने को बराबर पानी पर तैराया गया। माना जाता है कि इस कुएं के पानी के स्पर्श से बच्चों को कोई बीमारी नहीं होती। गांव में जन्म लेने वाले हर बच्चे को इस अंधविश्वास से गुजरना पड़ता है। गांव के लोग बताते हैं कि कहीं लिखा तो नहीं है कि कुएं के पानी से बच्चे ठीक हो जाएंगे लेकिन जो परंपरा चली आ रही है उसे हम निभा रहे हैं।








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