नई दिल्ली। नितिन गडकरी की नई टीम पर बवाल बढ़ता ही जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सी पी ठाकुर ने दो टूक कह दिया है कि ये नई टीम पार्टी को दूर तक नहीं ले जा पाएगी और बेहतर होगा गडकरी इसमें बदलाव करें।
शत्रुध्न सिन्हा और सी पी ठाकुर के बाद पार्टी को एक और झटका शाहनवाज हुसैन ने दिया जब वो भी बीमारी का हवाला देकर प्रवक्ताओं के लिए बुलाई गई बैठक में नहीं पहुंचे।
गडकरी का मतलब होता है गढ़, किले की रक्षा करने वाला। बीजेपी का किला पहले से ही दरका हुआ है और नई टीम की घोषणा के बाद थोड़ा और दरकने लगा है। पार्टी सांसद सी पी ठाकुर ने तलवार निकाल ली है। पहले नई टीम के खिलाफ पटना में बोला फिर दिल्ली में। दिल्ली में इसलिए क्योंकि दिल्ली उंचा सुनती है। हो सकता हो पटना से आवाज न आई हो।
दोपहर के वक्त झटका देने की बारी शाहनवाज हुसैन की थी। पार्टी के इस मुस्लिम चेहरे ने प्रवक्ताओं के लिए बुलाई गई बैठक में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने इसके लिए नासाज तबियत का हवाला दिया। लेकिन उनकी नाराजगी जग जाहिर हो चुकी है। वहीं खबर ये भी है कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री वी सी खंडूरी गडकरी की नई टीम से नाराज हैं। लेकिन वो खुलकर सामने नहीं आए हैं। एक दूसरी वजह ये भी है कि कोश्यारी को नई टीम में जगह दी गई है।
इसके पहले शत्रुध्न सिन्हा खुलेआम इस टीम को नई बोतल में पुरानी शराब कह चुके हैं। योग्य लोगों को टीम में जगह न दिए जाने का आरोप लगा चुके हैं। अब बेचारी पार्टी इस नाराजगी पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है।
अध्यक्ष बनने के बाद ये गडकरी की पहली बड़ी चुनौती है। ऐसे वक्त के लिये कहावत बनी सर मुड़ाते ही ओले पड़े।








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