नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को कहा है कि जो शैक्षणिक संस्थाएं प्रवेश के दौरान छात्रों को लूटने और अप्रत्यक्ष धन की उगाही में लिप्त पाई जाएंगी उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा और उनके संचालकों जेल भी हो सकती है।
सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज अनुचित आचरण निषेध विधेयक-2010 को मंजूरी दे दी। इसका अर्थ यह हुआ कि कैपिटेशन फीस की मांग करना अपराध होगा। जो भी शैक्षणिक संस्थाएं इसमें लिप्त पाई जाएंगी उनके खिलाफ मामला चलेगा। इसके तहत आर्थिक दंड, जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि देश भर की सभी शैक्षणिक संस्थानों को अपने प्रास्पेक्टस में फीस और अन्य शुल्कों का खुलासा करना होगा और इसके अलावा वह कोई अन्य शुल्क नहीं लेंगे।








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