बैजनाथ, हिमाचल प्रदेश। आज भी बैजनाथ में वो पुराना मंदिर है जहां रावण ने शिवलिंग को नीचे उतारा था। मान्यता ये कहती है कि वहां पर रावण काफी दिनों तक रुक गया था।
उसे समझ में नहीं आ रहा था कि अब आगे क्या करें। क्योंकि वो शिवलिंग को न तो अपने साथ ले जा सकता और न ही वहां छोड़ सकता था। लिहाजा वो वहां रुककर शिवलिंग की तपस्या करने लगा।
बैजनाथ का मंदिर बेशक है हजारों साल पुराना लेकिन आज भी मंदिर के अंदर लिंग और मूर्तियां एक दम नई दिखती हैं।
इस इलाके के लोग दशहरा के दिन रावण का पुतला नहीं जलाते। कुछ लोगों ने ऐसी कोशिश की लेकिन नतीजा ये निकला कि पूरा इलाका महामारी की चपेट में आ गया।
कहा जाता है कि यहां रावण को शिव का वरदान था कि उसका कोई तिरस्कार नहीं कर सकता है।
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