नई दिल्ली। अगस्त माह के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े बेहद खराब रहने और यूरोपीय बाजारों में जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन के शेयर बाजारों के भारी गिरावट के साथ खुलने से देश के शेयर बाजारों का मनोभाव फिर खराब हो गया है, जो रिजर्व बैंक की सीआरआर घटाने की घोषणा के बाद कुछ सुधरा था। लेकिन महंगाई दर के 11.99 फीसदी से घटकर 11.80 फीसदी पर आ जाने से बाजारों को कुछ राहत मिली है और बाजार हल्के सुधरे हैं। मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स दोपहर सवा तीन बजे 750 अंक नीचे और राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई) का निफ्टी 226 अंक नीचे था।
शुक्रवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स ने 10,239 का निचला स्तर बनाया जो 25 जुलाई 2006 के बाद का इसका न्यूनतम स्तर है जबकि निफ्टी ने 3,198 का निचला स्तर बनाया जो 10 अगस्त 2006 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है।
पूंजी बाजार की लगातार खराब होती हालत को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने एक आपातकालीन निर्णय लेते हुए नकद सुरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 1.5 फीसदी की कटौती की घोषणा की है। इससे बैंकिंग तंत्र में 60,000 करोड़ रुपए की तरलता बढ़ जाएगी।
इसके बाद बाजार में कुछ खरीदारी लौटी जो बाजार को निचला सर्किट लगने के खतरे से दूर ले गई। लेकिन फिलहाल यह खतरा टला नहीं और यदि बाजार 10 फीसदी से ज्यादा गिरते हैं तो यहां निचला सर्किट लग जाएगा और कारोबार एक घंटे तक के लिए रोक दिया जाएगा।
वैश्विक बाजारों की भी बदहाली कहीं थमती नहीं दिख रही है। यहां एशियाई बाजार बेहद खराब स्थिति में हैं और जापान का बाजार 10 फीसदी से ज्यादा, हांगकांग, सिंगापूर के बाजार सात फीसदी से ज्यादा की गिरावट दिखा रहे हैं। दोपहर 2:40 बजे बीएसई का सेंसेक्स 618.77 अंक नीचे 10,709.59 के स्तर पर और एनएसई का निफ्टी 183.80 अंक नीचे 3,329.85 के स्तर पर था।
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