वृंदावन । गर्ग संहिता में भगवान श्रीकृष्ण और उनकी लीलाओं का सबसे पौराणिक आधार का वर्णन किया गया है। गर्ग संहिता के सोलहवें अध्याय में राधा और कृष्ण के विवाह की कथा है।
कथा की शुरूआत श्रीकृष्ण के बाल अवस्था से होती है। जब कृष्ण की उम्र महज दो साल सात महीने थी। एक बार नंद बाबा बालक कृष्ण को लेकर अपने गोद में खिला रहे हैं। उनके साथ दुलार करते हुए वो वृंदावन के इस भांडीर वन में आ जाते हैं।
बालक कृष्ण के सुंदर मुख को देखते हुए उनके मन में ख्याल आता है कि वो कितना खुशनसीब हैं कि खुद भगवान उनकी गोद में खेल रहे हैं। नंद बाबा को ये पता रहता है कि बालक कृष्ण कोई साधारण बालक नहीं है। नंद के मन में भक्ति का भाव उमड़ता है। मन ही मन कृष्ण का गुणगान करता है।
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