चेन्नई। कृष्णमूर्ति. एस. कृष्णमूर्ति देखने में एकदम आम इंसान लगते हैं लेकिन वह देश के इकलौते ऐसे शख्स हैं जिसके पास भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद (इसरो) के राकेटों को आसमान में ही मार गिराने का लाइसेंस है।
सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएसपी) में महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत अंतरिक्ष इंजीनियर कृष्णमूर्ति ने मात्र एक बार वर्ष 2006 में अपने लाइसेंस का इस्तेमाल किया था जब उन्होंने 'इनसेट 4सी' नामक संचार उपग्रह ले जा रहे इसरो के 'जियोसिंक्रोनस स्पेस लांच व्हीकल' (जीएसएलवी एफ02) को पथ से भटक जाने पर ध्वस्त कर दिया था।
अब जबकि देश 22 अक्टूबर को चंद्रयान छोड़ने की तैयारियों में जुटा हुआ है, कृष्णमूर्ति और उनके साथी भी अपने काम में लग गए हैं।
कृष्णमूर्ति ने बताया, "मैं यान को नष्ट करने वाला बटन तभी दबाऊंगा जब मुझे यकीन हो जाएगा कि वह अपने मार्ग से भटक गया है और जान माल के लिए खतरा बन सकता है।"
प्रत्येक प्रक्षेपण को विशिष्ट बताने वाले कृष्णमूर्ति ने कहा, "प्रक्षेपण के पहले हम हमेशा की तरह चंद्रयान की भी हर प्रणाली की भलीभांति जांच परख करेंगे।"








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