नई दिल्ली। योगगुरु बाबा रामदेव देशभर में 4 जून से सत्याग्रह आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। बाबा का कहना है कि इस समय देश में भ्रष्टाचार चरम पर है। सरकार उसे रोकने में नाकाफी साबित हो रही है। बाबा की मानें तो यही सही वक्त है जब भारतीय राजनीति का पूर्णजन्म हो। बाबा रामदेव ने आईबीएन7 के खास कार्यक्रम हॉट सीट पर मैनेजिंग एडिटर आशुतोष के सामने बताया कि वो किन-किन मांगों को लेकर सत्याग्रह आंदोलन करने जा रहे हैं।
बाबा रामदेव का कहना है कि कालाधन, भ्रष्टाचार और सिस्टम में बदलाव की मांग को लेकर वो देशभर में सत्याग्रह आंदोलन करने जा रहे हैं। कालाधन के बारे में बाबा ने कहा कि विदेशों में जमा पैसे को लाने के लिए कानून बने और उस पैसे को सरकारी संपत्ति घोषित की जाए। बाहर पैसा जमाने कराने वालों पर देशद्रोह का केस दर्ज हो। सरकार इस कार्रवाई को पूरी पारदर्शिता के साथ करे, भ्रष्टाचारियों के नाम वेबसाइट पर अपलोड हो ताकि देश की जनता उसे देखे।

बाबा की दूसरी मांग भ्रष्टाचार को लेकर है। बाबा चाहते हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकपाल बिल इस मॉनसून सत्र में पारित हो, भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मृत्युदंड का प्रावधान हो।
योगगुरु की तीसरी मांग सरकार से समाजिक न्याय को लेकर है। बाबा चाहते हैं कि सभी को मनपसंद भाषा पढ़ने का अधिकार हो। जिस तरह देश में सभी प्रवेश परीक्षाओं में हिन्दी और अंग्रेजी को तरजीह दी जाती है, उसी तरह क्षेत्रीय भाषाओं को भी शामिल की जानी चाहिए।
बाबा रामदेव के मुताबिक पहले दिन करीब 1 करोड़ से ज्यादा लोग सत्याग्रह में शामिल होंगे, जब तक सरकार अध्यादेश नहीं लाएगी हम सत्याग्रह पर बैठे रहेंगे। इस सत्याग्रह में 10 करोड़ तक लोग शामिल होंगे। सत्याग्रह के दौरान योग अध्यात्म, उपवास, अनशन और भगवान से प्रार्थना करेंगे कि सरकार को सदबुद्धि दे ताकि वो अध्यादेश लाए। बाबा ने खुलासा किया कि वो सत्याग्रह के दौरान जल तो लेंगे, लेकिन अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों सरकार से जो संवाद हुआ है वो सकारात्मक है। लेकिन बात किसी निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुंची है। जिस दिन वो पूरी हो जाएगी और हमारी मांगें मान ली जाएगी तो हम अपना सत्याग्रह वापस ले लेंगे। इसके लिए सरकार को लिखित भरोसा देनी होगी। हमें सरकार की नियत में कोई खोट नजर नहीं आती, लेकिन अगर सरकार मेरी मांगों को टालने की कोशिश करेगी तो फिर आरपार की लड़ाई होगी।
मेरा ये सत्याग्रह आंदोलन अन्ना हजारे के अनशन के विरोध में नहीं है। 4 जून को अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल भी हमारे सत्याग्रह में शामिल होंगे। मैं कई बार कह चुंका हूं कि मैं किसी राजनीतिक पद पर आसीन नहीं होने वाला हूं। भारतीय राजनीत का पूर्णजन्म हो यही मेरा लक्ष्य है।
(पूरी बातचीत वीडियो में देखें।)
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