जम्मू। हिंदू नेता 15 जून के बदले 29 जून से सालाना अमरनाथ यात्रा शुरू करने के लिए सोमवार को राजी हो गए। अमरनाथ यात्रा विवाद सुलझाने के लिए जम्मू एवं कश्मीर सरकार के प्रतिनिधि सोमवार को अंतिम कोशिश में जुटे हुए थे। बाबा अमरनाथ यात्रा न्यास, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के उस सुझाव पर सहमत हो गया, जिसमें उसने गुफा के अंदर और बाहर प्रतिकूल मौसम को देखते हुए 29 जून से यात्रा शुरू करने की सलाह दी थी। यह गुफा दक्षिण कश्मीर के पीर पंजाल क्षेत्र में स्थित है। यह सहमति न्यास नेताओं और सरकारी प्रतिनिधियों के बीच यहां हुई विस्तृत बातचीत के बाद बनी।
पुलिस महानिदेशक कुलदीप खोडा, गृह सचिव बी.आर. शर्मा और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव बी.बी. व्यास सहित वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल बोर्ड और हिंदू संगठनों के बीच बातचीत कराने के लिए सोमवार को यहां पहुंचा था। यह बातचीत तब आयोजित की गई, जब न्यास ने अपनी योजना के मुताबिक 15 जून से यात्रा शुरू करने की धमकी दी थी। न्यास ने आरोप लगाया था कि 29 जून की तिथि 60 दिनों की यात्रा को 45 दिनों में समेटने की साजिश के तहत चुनी गई है।

न्यास के प्रवक्ता सुरिंदर जैन ने संवाददाताओं को बताया, "हमें बताया गया है कि रास्ते चलने लायक नहीं हैं और मौसम भी अच्छा नहीं है। इसलिए हमने कल (मंगलवार) से यात्रा शुरू करने और 15 जून को गुफा में दर्शन करने की अपनी योजना छोड़ दी है।" जैन ने, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की राज्य इकाई के अध्यक्ष रमाकांत दूबे और अन्य प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में हिंदू संगठनों का प्रतिनिधित्व किया।
जैन ने कहा कि मंगलवार से यात्रा शुरू करने के बदले "न्यास गुफा में प्रार्थना के लिए अपने प्रतिनिधियों को 15 जून को हेलीकॉप्टर से भेजेगा और भविष्य के लिए हमने अनुरोध किया है कि यात्रा की अवधि दो महीने से कम नहीं होनी चाहिए।" उन्होंने कहा, "इस मुद्दे पर चर्चा के लिए श्राइन बोर्ड 22 जुलाई को एक बैठक आयोजित करेगा।"
राज्यपाल एन.एन. वोहरा की अध्यक्षता वाले श्राइन बोर्ड ने 29 जून से 13 अगस्त तक अमरनाथ यात्रा की घोषणा की थी। यह अवधि पिछले साल तक हुई दो महीने की अमरनाथ यात्रा से 15 दिन कम है।
इसके पहले सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के अपने प्रयास में रविवार को नाकाम हो गई थी। इस क्रम में सरकार ने गुफा को जाने वाले रास्ते के निरीक्षण के लिए धार्मिक संगठनों के सदस्यों को हेलीकाप्टर से भेजा था।
भारतीय जनता पार्टी भाजपा, विश्व हिंदू परिषद ( विहिप) और अन्य हिंदू संगठनों द्वारा समर्थित न्यास 15 जून से तीर्थयात्रा शुरू करने पर और रक्षा बंधन के दिन 13 अगस्त को यात्रा समाप्त करने पर जोर दे रहा था। अमरनाथ यात्रा की यह पारम्परिक तिथि है।
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