नई दिल्ली। IBN7 ने मुंबई एटीएस की गलत बयानी पकड़ी है। समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट पर एटीएस बयान से मुकर गई है। मुंबई एटीएस जांच को किस तरह गुमराह कर रही है इसका खुलासा IBN7 ने कर दिया है।
दो दिन पहले एटीएस ने नासिक की एक अदालत में कहा था कि समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में कर्नल पुरोहित ने एक आरोपी भगवान को आरडीएक्स मुहैया कराई थी जिससे धमाके किये जा सके।
लेकिन आज मुंबई एटीएस ने मान लिया कि ब्लास्ट में किसी तरह के आरडीएक्स का इस्तेमाल नहीं किया गया है। एटीएस का कहना है कि मीडिया ने इस बयान को तोड़ा मरोड़ा।
गौरतलब है कि दो दिन पहले IBN7 ने दिखाया था कि किस तरह इस पूरे मामले में एटीएस झूठ बोल रही है। एटीएस के वकील ने नासिक में शनिवार को कहा था कि समझौता एक्सप्रेस में आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था।
एटीएस ने तो ये भी कहा है कि मालेगांव में धमाकों के मददगार फौजी लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित ने ही ये आरडीएक्स मुहैया करवाया। लेकिन हमारी ये विशेष रिपोर्ट एटीएस के दावों को कठघरे में खड़ा करती है।
नासिक कोर्ट में एटीएस - यानि एंटी टेरेरिस्ट स्क्वैड इसी आरडीएक्स का नाम जपती नजर आई। उसके वकील ने दावा किया कि भगवा आतंक की ब्रिगेड के मददगार फौजी लेफ्टिनेंट कर्नल पी एस पुरोहित के पास 60 किलो आरडीएक्स था। और इसी फौजी ने भारत और पाकिस्तान के बीच दोस्ती की मिसाल बनी समझौता एक्सप्रेस में 2007 में हुए धमाके के लिए आरडीएक्स मुहैया करवाया था।
लेकिन सच कुछ और है - आईबीए 7 ने जब धूल खा चुकी पुरानी फाइलें उलटी तो एटीएस के झूठ की कलई खुल गई।
आईबीएन 7 ने अपनी तफ्तीश फैलाई। हमने नासिक कोर्ट में एटीएस के एक एक दावे को परखा। यकीन मानिए - दाल में काला नहीं बल्कि पूरी दाल की काली लगी। हमारी एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक धमाके के बाद आई अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट में कहीं भी आरडीएक्स का जिक्र नही है।
इन बमों में अमोनियम नाइट्रेट और सल्फ्यूरिक एसिड के साथ केरोसिन ऑयल का इस्तेमाल किया गया था। मकसद था कि जब चलती ट्रेन में बम फटे तो आग लगने से ज्यादा से ज्यादा लोग मारे जाएं। और यही हुआ भी - बम फटा और ट्रेन की दो बोगियों में भयानक आग लग गई। मारे गए 68 लोगों में पाकिस्तानी भारतीय और फौजी थे।
जांच एजेंसियों को ब्लास्ट के बाद ट्रेन से सूटकेसों में भरे दो जिंदा बम मिले थे। और इन बमों में भी आरडीएक्स का एक रेशा तक न था।
फिर मुंबई एटीएस ने ये बयान क्यों दिया - सबूत के बिना ये कैसे कह दिया गया कि फौजी लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित ने समझौता एक्सप्रेस में धमाके के लिए आरडीएक्स दिया था। क्या ये एटीएस की मजबूरी है या फिर कोई राजनीतिक दबाव।
एटीएस ने ये भी दावा किया है कि फौजी पुरोहित ने ये आरडीएक्स किसी भगवान नाम के शख्स को दिया था। सवाल ये भी है कि वाकई में कोई भगवान नाम का आदमी है भी या नहीं। कहीं ये शख्स मुंबई एटीएस की दिमागी उड़ान का नतीजा तो नहीं है?
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