नासिक। नासिक कोर्ट ने सोमवार को मालेगांव बम धमाके के सभी आठों आरोपियों को 29 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सुबह सभी आरोपियों को सुनवाई के लिए नासिक कोर्ट लाया गया। कोर्ट परिसर के बाहर लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। आम लोगों के अलावा वीएचपी के कार्यकर्ता साध्वी के समर्थन में नारेबाजी करते देखे गए। ठीक समय पर जब साध्वी प्रज्ञा कोर्ट पहुंचीं, तो उनके चेहरे पर कोई नकाब नहीं था।
माना जा रहा है कि प्रज्ञा ने बुरका पहनने से इनकार कर दिया था। बाकी आरोपियों के चेहरे ढके हुए थे। सुनवाई शुरू होते ही आरोपियों ने एटीएस पर आरोपों की बौछार कर दी। साध्वी प्रज्ञा के अलावा ज्यादातर आरोपियों ने एटीएस पर शारीरिक और मानसिक यातना देने का आरोप लगाया। इसके अलावा सभी आरोपियों ने कहा कि एटीएस उन्हें परिवारजनों और वकीलों से मिलने नहीं दे रही।
इस शिकायत के बाद कोर्ट ने कामकाज रोककर इन्हें परिजनों और वकीलों से मिलने की इजाजत दी। साध्वी प्रज्ञा ने मालेगांव धमाके में इस्तेमाल की गई बाइक के खुद का होने से इनकार कर दिया। प्रज्ञा ने दावा किया कि उस बाइक को वो अक्टूबर 2004 में ही सुनील नाम के किसी शख्स को 24 हजार रुपये में बेच चुकी हैं।
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