मिदनापुर। पश्चिम बंगाल के मिदनापुर इलाके का एक गांव मध्ययुगीन मंदिरों से अटा पड़ा है। कभी इस गांव में तकरीबन 84 मंदिर हुआ करते थे। लेकिन ज्यादातर मंदिर बिना किसी रखरखाव और संरक्षण के धीरे-धीरे खत्म हो गए। आज इस गांव में 32 मंदिर ही बच पाए हैं।
बहुत साल पहले गांव में कोलकाता यूनिवर्सिटी के हिस्ट्री डिपार्टमेंट में एक प्रोफेसर ये मंदिर देखने के लिए आए। उन्होंने बताया कि ये जो इंडियन ट्रेडिशन है ये सर्वधर्म समझने के लिए है। ये बताने के बाद पुराने मंदिरों को बचाने के लिए काम शुरू किया गया।
यासीन पठान प्राचीन मंदिरों को बचाने की इस मुहिम में 1974 से जुटे हैं और इसके लिए इन्होंने 1990 में एक Pathara Archaeological Preservation Committee बनाई। इस कमेटी में हिन्दू और मुसलमान दोनों ही महज़ब के लोग शामिल किए गए। वे इन मंदिरों का सही रखरखाव करते हैं। इन लोगों ने मिल कर सरकार का ध्यान भी इस ओर खींचा और इन्हीं कोशिशों का ही ये नतीजा है कि अब इन मंदिरों की हालत पहले से काफी बेहतर हो गई है।
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