मुंबई। मालेगांव धमाकों के सिलसिले में गिरफ्तार खुद को शंकराचार्य अमृतानंद कहने वाले स्वामी दयानंद की जान अटकी है एक लैपटॉप में। जैसे ही स्वामी दयानंद को पता चला कि एटीएस को उसका लैपटॉप मिल गया है वो बेचैन हो उठा।
अधिकारियों से बार-बार यही कहता रहा कि मेरे लैपटॉप को हाथ मत लगाओ, चाहे मुझे फांसी दे दो। मुझे कोई भी सजा दे दो, लेकिन लैपटॉप को हाथ मत लगाओ। एटीएस सूत्रों की मानें तो इस लैपटॉप में बम धमाके की साजिश के अलावा और भी बहुत कुछ छिपा है। कुछ ऐसा जो भगवा चोले में रहने वाले स्वामी दयानंद से कतई मेल नहीं खाता।
दरअसल जब स्वामी दयानंद को पता चला कि मुंबई एटीएस उसे किसी भी वक्त गिरफ्तार कर सकती है तो उसने सबसे पहले अपने लैपटॉप से अहम जानकारियां डिलीट करने का काम शुरू किया। लेकिन हड़बड़ी में स्वामी दयानंद ने कुछ ऐसी चीजें छोड़ दीं जो उसके गले ही हड्डी बन गई हैं।
More on: LAPTOP, DAYANAND, ATS, Bhagwa Atankwad








कमेंट्स