नई दिल्ली। अमिताभ बच्चन को बिग बी छोटे पर्दे से बनाया है और ‘फूल और पत्थर’ ने मुझे बना दिया ही-मैन। ये कहना है कि फिल्म शोले के वीरू धर्मेन्द्र का। आईबीएन7 के खास कार्यक्रम हॉट सीट पर धर्मेन्द्र से मैनेजिंग एडिटर आशुतोष ने खास बातचीत की।
धर्मेंद्र का कहना है कि जब वो 9वीं क्लास में थे तो पहली बार लुधियाना में दिलीप कुमार की फिल्म देखी। फिल्म देखकर जब वो बाहर निकले तो उन्हें कुछ अलग तरह का अहसास होने लगा। उसी समय उन्होंने फैसला किय़ा कि वो एक्टिंग के फील्ड में कदम आजमाएंगे। धर्मेन्द्र के पिता जी स्कूल टीचर थे इसलिए पिता के सामने तो वो अपनी बात नहीं रख पाए। लेकिन अपनी मां को उन्होंने कह दिया कि वो एक्टर बनना चाहते हैं और मुंबई जाएंगे। मां ने बेटे की दिल की तमन्ना को पढ़ ली और कहा कि अप्लीकेशन भेज दो।

धर्मेन्द्र का कहना है कि उन्होंने गायत्री मंत्र पढ़कर अप्लीकेशन को पोस्ट बॉक्स में डाले। संयोग से उस समय नए चेहरे की तलाश थी और उन्हें बुलावा आ गया। वो कहते हैं कि पूरी तैयारी के साथ उन्होंने अपना पहला शॉट दिया था। उनका कहना है कि फिल्म सत्यकाम में उनकी काफी तारीफ हुई, और आज भी सभी नेताओं को ये फिल्म देखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वो खूबियों में खामियां तलाशते हैं।
उन्होंने कहा कि जब उन्हें फिल्म फूल और पत्थर के ऑफर मिले तो वे बेहद उत्साहित थे। वो कहते हैं कि फिल्म फूल और पत्थर ने उन्हें ही-मैन बन गया। धर्मेन्द्र ने आखिर में कहा कि ‘मैं रोमेंटिक हूं, नूतन और मीणा कुमारी दोनों की अपने जमाने की बेहतरीन अदाकारा रही हैं। दोनों के साथ काम करने का अलग-अलग अनुभव रहा है।
(पूरी बातचीत वीडियो में देखें।)
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