नई दिल्ली। मालेगांव धमाकों की जांच का दायरा धीरे-धीरे बढ़ रहा है। सीएनएन-आईबीएन को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सेना के 5 और सेवारत अफसरों की मालेगांव धमाके में भूमिका को लेकर जांच हो सकती है।
संदेह के घेरे में आए इन अफसरों से अभिनव भारत से संबंध होने व उसे धमाके के लिए सहायता करने के बारे में सवाल किए जा सकते हैं।
दरअसल मुंबई एंटी टेररिज्म स्क्वॉड ने सेना से कम से कम 3 अफसरों से इस बारे पूछताछ करने की अनुमति मांगी है। दूसरी ओर सरकार संघ को बैन न करने की स्थिति में कम से कम बजरंग दल को प्रतिबंधित किए जाने पर विचार कर रही है।
ऐसे भी सबूत मिल रहे हैं कि आर्मी अफसर श्रीकांत प्रसाद पुरोहित को मोहन भागवत को मारने के लिए पैसा दिया गया था।
वहीं मध्य प्रदेश पुलिस ने सोनल जोशी हत्या केस को दोबारा से खोल दिया है। साध्वी प्रज्ञा की बाइक को जोशी को बेचा गया था। दिसंबर 2007 में रहस्यमय हालात में उसकी हत्या कर दी गई थी।
मालूम हो कि लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित और साध्वी सितंबर 29 को मालेगांव में हुए धमाके के मामले में आरोपी हैं।
संघ इस मामले में खुद पर लगे आरोपों से इनकार कर रहा है। वहीं वीएचपी नेता आचार्य गिरिराज किशोर ने आरोप लगाया कि यह सब कुछ एक बड़ी साजिश का हिस्सा हैं जिसे सोनिया गांधी द्वारा करवाया जा रहा है। वीएचपी बुधवार से देशव्यवापी विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रही है।
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