नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पलटी मार दी है। अब वो खुलकर साध्वी प्रज्ञा या मालेगांव धमाकों के दूसरे आरोपियों का बचाव नहीं करेगा। आरएसएस नेता मोहन भागवत ने कहा है कि अगर हिंदू आतंकवादी घटनाओं में शामिल हैं, तो ये चिन्ता का विषय है। सोचना चाहिए कि हमारी नीतियों में कहां गलती हुई।
मोहन भागवत का ये बयान काफी महत्वपूर्ण है। शायद उन्हें लगने लगा है कि मालेगांव ब्लास्ट में पकड़े गये लोग बेदाग नहीं हैं। कुछ तो है, जिसने भागवत को ये कहने पर मजबूर कर दिया। दरअसल पिछले दो तीन दिन से संघ परिवार के सुर बदल गये हैं।
संघ प्रमुख सुदर्शन कहते हैं कि अगर कोई आतंकी है तो उसपर कार्रवाई करो, लेकिन जबर्दस्ती लोगों को मत बदनाम करो। बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह तो साफ कहते हैं कि वे इस मुद्दे पर बात नहीं करना चाहते।
सूत्रों की मानें तो संघ ने तय किया है कि वो अब इस मामले में सुरक्षित दूरी बनाकर चलेगा। ताकि आरोपी अगर फंस जाएं तो संघ पर आंच न आए। तय हुआ कि अगर इन धमाकों में सीधे संघ परिवार से जुड़े किसी नेता का नाम आता है तब तो बचाव करना है, नहीं तो चुप्पी साध लेना ही बेहतर है।
इसका असर वीएचपी नेता प्रवीण तोगड़िया पर भी दिख रहा है। अपने भाषण में वे साधु-संत, सेना और हिंदू समाज की बात करते हैं लेकिन अभिनव भारत के बारे में पूछने पर साफ कहते हैं कि उस संस्था को मैं जानता नहीं हूं।
गांधी जी की हत्या के दाग से संघ अभी तक उबर नहीं पाया है। अगर आतंक के आरोप भी उसपर साबित हो गए तो संगठन के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
More on: pragha, rss, Bhagwa Atankwad












कमेंट्स
0