मुंबई। मुंबई में हुए आतंकी हमलों में मारे गए लोगों की तादाद और भी ज्यादा हो सकती थी। लेकिन एक इंसान की समझदारी ने कई लोगों को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया।
सीएसटी स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही के बारे में बताने वाले एनाउंसर वी डी झिंदे ने हमले के बाद माइक पर लोगों को गोलियों से बचने का सही रास्ता बताते रहे। जिससे कई मुसाफिरों ने उनकी बात सुनकर सही ठिकाने पर पनाह ले ली।
सालों से वी डी झिंदे छत्रपति शिवाजी टर्मिनल पर एनाउसमेंट करते आ रहे हैं। लेकिन 26 नवंबर की वो शाम हर रोज से अलग थी। उस दिन भी मुसाफिर आम दिनों की तरह ही आ-जा रहे थे। अचानक गोलियां चलने लगीं। ट्रेनों की आवाजाही पर नजर रखने वाले झिंदे को ये समझने में देर नहीं लगी कि स्टेशन पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया है।
वी डी झिंदे के मुताबिक स्टेशन पर गोलियां बरस रहीं थीं। लोग भाग रहे थे। मेन लाइन की तरफ दो आतंकवादियों ने मुसाफिरों पर फायरिंग शुरू कर दी और स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। तभी झिंदे ने जीआरपी और आरपीएस के लिए अनाउंस करना शुरू कर दिया।
इस मुश्किल हालात में भी झिंदे ने बिना डरे समझदारी से काम लिया। डरे हुए बदहवास मुसाफिरों को देखकर उन्हें खतरे का आभास हो गया और उन्होंने बाकी मुसाफिरों की सुरक्षा के लिए ऐहतियाती कदम उठाए और उन्हें उधर जाने से रोक दिया जिधर आतंकवादी मौजूद थे।
मालूम हो कि सीएसटी स्टेशन हर वक्त मुसाफिरों से भरा होता है। अगर झिंदे और उनके साथी ने सही वक्त पर मुस्तैदी न दिखाई होती तो शायद मरने वालों की तादाद और भी ज्यादा हो सकती थी।
झिंदे ने अपनी समझदारी से कईंयों को मौत के मुंह से निकाल लिया। ऐसे भारतीय पर हमें गौरव है। हमारी शुभकामनाएं झिंदे जैसे बहादुर के साथ हैं। आप भी अपना संदेश इस जांबाज को भेजें। संदेश भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
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