मुंबई। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री नारायण राणे ने कांग्रेस और सोनिया गांधी से खुलकर बगावत कर दी है। मुख्यमंत्री न बनाए जाने से नाराज राणे ने अब साफ-साफ कहना है कि उन्हें अब कोई पद नहीं चाहिए। उन्होंने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख पर आरोप लगाते हुए कहा कि देशमुख महाराष्ट्र के सबसे कलंकित मुख्यमंत्री हैं जिनके राज में मुंबई पर इतना बढ़ा हमला हुआ। देशमुख पर निशाने साधते हुए राणे ने कहा कि कांग्रेस नाटक कर रही है। अशोक चव्हाण का नाम देशमुख ने ही उनके खिलाफ बढ़ाया है।
राणे ने कहा कि कांग्रेस को उनका नाम घोषित करना चाहिए था। ऑब्जर्वर लाने का नाटक किया गया। कांग्रेस से मैं दुखी हूं। पार्टी ने दो दिन में जो नाटक किया है उससे मैं दुखी हूं।
राणे के कहा कि उन्हें सोनिया पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। सोनिया ने वादा किया लेकिन निभाया नहीं। पार्टी को मेरे ऊपर जो कार्रवाई करनी है कर ले मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
राणे से जब उनके अगले कदम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि देखते जाइए मैं क्या-क्या करता हूं।
राणे ने कहा कि एंटनी, पवार और प्रणब उनके समर्थन में थे लेकिन देशमुख ने चाव्हाण का नाम आगे बढ़ाया जो कहीं से मेरे प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।
राणे पार्टी पर बरसे लेकिन उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी जाहिर है ऐसा करके वे अपनी एमएलए की कुर्सी खोना नहीं चाहते।












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