भोपाल। मध्य प्रदेश की जनता ने सत्ता की चाबी एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)को सौंप दी है। यहां विधानसभा की कुल 230 सीटों में से 143 सीटें जीतकर बीजेपी ने पूर्ण बहुमत प्राप्त कर लिया है।
शिवराज चौहान की सादगी और विकास के मंत्र के आगे सत्ता विरोधी लहर सूख गई।
इसके बावजूद कि मध्य प्रदेश में 5 साल के अंदर तीन बार मुख्यमंत्री बदले गए। शिवराज सिंह चौहान की पत्नी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। लेकिन जनता ने शिवराज के विकास के नारे पर मांगे गए वोट पर राज्य की चाबी एक फिर सौंप दी है। शिवराज ने जनता के बीच सांप्रदायिक और आतंकवाद के चुनावी कार्ड खेलने के बजाय विकास का नारा लगाया। और उन्हें भरपूर जनादेश मिला।
वहीं बीजेपी को धूल चटाने का सपना देख रही उमा भारती की पार्टी भारतीय जनशक्ति पार्टी को सिर्फ 6 सीटें ही नसीब हुईं पर खुद उमा भारती चुनाव हार गईं। निर्दलीयों ने दो सीटों पर और अन्य ने भी दो सीटों पर जीत दर्ज की।
इस चुनाव में कांग्रेस को 34 फीसदी वोट मिले। जबकि बीजेपी को 40 फीसदी वोट मिले। वहीं बीएसपी को आठ फीसदी वोट मिले।
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