नई दिल्ली। दिल्ली में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने लगातार तीसरी बार चुनाव जीतकर जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने कांग्रेस के प्रति अपना विश्वास और लगाव बरकरार रखा है, इसके लिए मैं दिल्ली की जनता के प्रति आभार व्यक्त करती हूं। कांग्रेस के प्रवक्ता वीरप्पा मोइली ने इस सफलता का श्रेय दीक्षित को दिया।
77 साल की शीला दीक्षित लगातार तीसरी बार दिल्ली की कुर्सी पर काबिज होंगी। चुनाव में शीला दीक्षित दिल्ली वासियों के सामने विकास का मुद्दा लेकर गई थीं और दिल्लीवालों ने इन्हें एक और मौका देने का फैसला कर दिया।
शीला दीक्षित के पास विकास का ब्र्ह्मास्त्र था और उन्होंने बखूबी चुनाव में इसका इस्तेमाल किया। बीजेपी आतंकवाद और महंगाई पर हल्ला मचाती रह गई औऱ शीला दीक्षित दिल्ली को आधुनिक और साफ सुथरा बनाने का अभयदान पा गईं।
शीला ने अकेले दम पर यह साबित कर दिया की आज की राजनीति में विकास से बड़ा कोई मुद्दा नहीं है। शीला के लिए ये एक कठिन चुनौती थी कि लगातार तीसरी बार सत्ता की बागडोर को संभाले रखना।
पिछले बार की तुलना में इसबार कांग्रेस को सिर्फ चार सीटों का नुकसान झेलना पड़ा। कांग्रेस के खाते में 42 फीसदी वोट पड़े। जो कि पिछले चुनाव के मुकाबले साढ़े सात फीसदी कम थी। वहीं बीजेपी एक बार फिर ठगी सी रह गई। सिर्फ 3 सीटें ही बढ़ीं। बीजेपी को करीब 38 फीसदी वोट मिले।
चुनाव परिणाम आते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ से मुख्यमंत्री के उम्मीदवार विजय कुमार मलहोत्रा अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि जनता का जनादेश मंजूर है। अब लोकसभा चुनाव की तैयारी करेंगे। पार्टी पूर्व अध्यक्ष एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि दिल्ली के चुनाव परिणाम हमारे लिए निराशाजनक हैं। उन्होंने कहा कि हार, हार होती है और हम इसे स्वीकार करते हैं। उधर भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा है कि यह कांग्रेस की नहीं बल्कि दीक्षित की जीत है।
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