नई दिल्ली। अपने खिलाफ एक के बाद एक आरोपों की झड़ी से केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार अब सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के खिलाफ हमलावर मुद्रा में आ गए हैं। पवार ने कहा कि मैं अन्ना के निंदात्मक विचारों से दुखी हूं। मुझपर हुए हमले का समर्थन कर अन्ना हजारे ने गांधीवाद और अहिंसा की नई परिभाषा गढ़ी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में उनपर यदि इस तरह का हमला दोबारा होता है तो ये साफ है कि हमलावर को कहां से समर्थन और प्रेरणा मिल रही है।
अन्ना के इस ब्लॉग पर जब पत्रकारों ने शरद पवार से उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही तो उन्होंने जवाब दिया कि वे अन्ना के बयानों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देते। लेकिन बाद में उनके दफ्तर की ओर से उनका एक बयान जारी किया गया जिसमें कहा गया है कि पवार अन्ना हजारे के निंदात्मक बयानों से दुखी हैं। अन्ना सावंत आयोग की रिपोर्ट के आधार पर शरद पवार को भ्रष्ट बता रहे हैं लेकिन उसी रिपोर्ट में अन्ना हजारे के खिलाफ भी आरोप लगे लेकिन उनपर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

गौरतलब है कि पिछले दिनों दिल्ली में एक युवक ने शरद पवार को थप्पड़ मारा था। बात अन्ना तक पहुंची तो उन्होंने कहा, क्या एक ही थप्पड़ मारा? उनके इस बयान की कई राजनीतिक दलों ने निंदा की। एनसीपी ने अन्ना के खिलाफ महाराष्ट्र भर में विरोध प्रदर्शन किया। अन्ना ने अपने इस बयान के लिए माफी भी मांगी लेकिन अब अन्ना ने अपने ब्लॉग में उनका विरोध करने वालों पर नाराजगी जाहिर की है।
अन्ना हजारे ने शरद पवार पर पलटवार करते हुए अपने ब्लॉग में लिखा है कि पवार के करीबी तीन पूर्व मंत्रियों के खिलाफ बार-बार कार्रवाई के लिए वो सरकार से गुहार लगा रहे हैं। उन्हें सावंत आयोग ने भी भ्रष्टाचार का दोषी पाया है। लेकिन शायद सरकार इसलिए कार्रवाई से डर रही है क्योंकि ये तीनों पूर्व मंत्री शरद पवार के करीबी हैं। अन्ना ने अपने ब्लॉग में शरद पवार को भ्रष्टाचारियों का समर्थन करने वाला बताया है।
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