निशांत शम्सी
मुंबई। मुंबई हमले के बाद से ही पाकिस्तान लगातार भारत से सबूत मांगता रहा है। शनिवार को एक तरफ पाकिस्तानी मीडिया ने अजमल के घर का स्टिंग ऑपरेशन दिखाया तो दूसरी तरफ अजमल कसाब ने
पाकिस्तान उच्चायुक्त को खत लिख दिया।
अपनी गिरफ्तारी के बाद ही अजमल कसाब लगातार कह रहा है कि वो पाकिस्तानी है। उसने पाकिस्तान में ही आतंक की ट्रेनिंग ली और उसके सारे रिश्तेदार भी वहीं हैं। अजमल का खत उसके पाकिस्तानी होने का एक और बड़ा सबूत है।
उसने 3 पन्नों का एक खत पाकिस्तानी उच्चायुक्त को लिखा है। उसने ये भी मान लिया हैं कि मुंबई में हुए हमलों में वो शामिल था और उसके साथ बाकि 9 लोग भी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के थे।
फरीदकोट के रहने वाले अजमल कसाब ने ये चिट्ठी उर्दू में खुद अपने हाथों से लिखी है। उसकी चिट्ठी में घरवालों के लिए दर्द है। लश्कर के लिए नफरत है। पाकिस्तानी उच्चायुक्त को उसने लिखा है कि-
मैं दुनिया का सबसे बडा गुनाहगार हूँ। मैंने जो गुनाह किया हैं उससे मेरे घरवालों का दिल टूटा है। खासकर मेरी अम्मी मुझपर बेहद खफा हैं। मेरा खुदा भी मुझे माफ नहीं करेगा। आखिर क्यों मैं उन शैतानों के चंगुल में फंस गया। मुझे जिहाद के नाम पर बरगलाया गया। लश्कर के कैम्पों में मुझे और मेरे साथीयों को ट्रेनिंग दी गई। उस समय तक मुझे कुछ नहीं पता था जब तक मुझे ये नहीं बताया गया की हमें मुंबई पर हमला करना है। 20 सितंबर को हमें मुंबई के हमले की जानकारी दी गई। लेकिन ये कितना बडा होगा ये हमें नहीं पता था।
अपनी चिट्ठी में अजमल ने आगे लिखा है कि इस ट्रेनिंग में सभी साहब लोगों को कोड वर्ल्ड से बुलाते थे। इनके कोड नेम भी मैं इस खत में लिख रहा हूं जनाब। हम सभी गुनाहगार हैं। आप हो सको तो मेरे साथी इस्माइल खान की लाश उसके गांव पहुंचा दें।
अजमल कसाब ने इस खत में और भी कई सनसनीखेज बातें लिखी हैं। अजमल का ये खत मुंबई हमले में पाकिस्तान के हाथ के दावे को और भी पुख्ता करता हैं।
साथ में जयप्रकाश सिंह
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