मुंबई। मुंबई पुलिस के हत्थे चढ़े आतंकी अजमल कसाब ने महज चौथी क्लास तक पढ़ाई की है। लेकिन इसे कंप्यूटर चलाने में महारत हासिल है। कसाब ही नहीं मुंबई हमले के सभी आतंकी कंप्यूटर और इंटरनेट की ट्रेनिंग लेकर आए थे।
अजमल कसाब के मुताबिक आतंक के आकाओं ने उन्हें और उनके साथियों को कंप्यूटर और इंटरनेट की बारीक से बारीक जानकारी दी थी। बाकायदा 5 सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने इन आतंकियों को ट्रेनिंग दी थी। यहां तक कि गूगल अर्थ के नेविगेशन में भी आतंकियों को माहिर बना दिया था।
कसाब के बयान को क्रॉस चेक करने के लिए जब क्राइम ब्रांच के अधियारियों ने उसके गांव का लोकेशन जानना चाहा तो कसाब के हाथ इस तरह चलने लगे जैसे कंप्यूटर चलाना उसके बाएं हाथ का खेल है। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान जैसे ही कसाब के सामने गूगल अर्थ की साइट खोली वैसे ही कसाब की आंखे और हाथ अपने आप हरकत में आ गए। अजमल खुद ही माउस और की-पैड को एक शातिर टेक्नो सैवी की तरह ऑपरेट करने लगा।
अधिकारियों ने जब कसाब को कहा कि गूगल अर्थ की साइट पर जाकर बताओ कि तुम्हारा गांव कहां पर है। अधिकारियों के मुताबिक बिना झिझक कसाब ने पाकिस्तान स्थित पंजाब प्रांत के मुरीदके जिले को लोकेट कर लिया। अगले कुछ मिनटों में ही कसाब ने दिपालपुर तालुका से Centric point को क्लिक किया। क्लिक करते ही कसाब जोर से चिल्लाया ये मेरी अम्मी का गांव रहा। यहीं वह जगह है जहां मेरे पिता रेहड़ी पर दही-पकोड़े बेचते हैं। क्राइम ब्रांच के अधिकारी कसाब की इस तेजी से सन्न रह गए।
इसके बाद क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने कसाब से अगला सवाल पूछा कि इतनी बारीकी से इंटरनेट सर्फ करना उसने कहां से सीखा। कसाब ने जवाब दिया कि लश्कर के ट्रेनिंग कैंप के दौरान अजीबाबाद के एक गुप्त ठिकाने में उन्हें कंप्यूटर की ट्रेनिंग दी गई थी। कसाब ने पूछताछ में ये भी बताया कि उन्हें जो सेलफोन और VOIP दिए गए थे उसमें GPRS टेक्निक के जरिए गूगल अर्थ पर किसी भी इलाके को लोकेट करने की ट्रेनिंग दी गई थी।
अनपढ़ आतंकियों को कंप्यूटर की ऐसी ट्रेनिंग से जाहिर होता है कि दहशतगर्दों ने आतंक फैलाने के लिए किस तरह की तैयारी की थी। कसाब के इस कबूलनामे को क्राइम ब्रांच ने बतौर सबूत रिकॉर्ड कर लिया है।
More on: Mumbai, kasib, statement, Dahal Gayi Mayanagri








कमेंट्स
0