चेन्नई। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद और क्रिकेट के बादशाह सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दिए जाने की देशव्यापी बहस के बीच चार बार के शतरंज विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने आज कहा कि वह इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए कोई लॉबिंग नहीं करेंगे।
आनंद ने केन्द्र सरकार के खिलाड़ियों को भी ‘भारत रत्न’ दिए जाने के नए फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मुझे खुशी और गर्व महसूस होगा यदि यह सम्मान मुझे मिलता है। लेकिन मैं इसके लिए कोई लॉबिंग नहीं करूंगा। विश्व चैंपियन ने यहां अपने प्रायोजक एनआईआईटी के कार्यक्रम में इस सम्मान के लिए किसी खिलाडी़ के नाम का सुझाव देने से भी इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में केन्द्रीय गृह मंत्रालय का पैनल बेहतर जानता है।

मालूम हो कि भारत रत्न के लिए ध्यानचंद और सचिन का नाम सबसे आगे है जबकि भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के नाम की भी इस पुरस्कार के लिए सिफारिश की है। कुश्ती जगत से गुरु हनुमान का नाम भी इस पुरस्कार के लिए उठा है।
अगले वर्ष मई में मास्को में विश्व चैंपियनशिप के लिए अपने प्रतिद्वंद्वी इजरायल के बोरिस गेलफांद के लिए आनंद ने कहा कि उन्हें हराना काफी मुश्किल काम है। आनंद ने कहा कि हम दोनों एक-दूसरे के खेल को बडी़ अच्छी तरह जानते हैं लेकिन यह एक मुश्किल मुकाबला होगा। हालांकि विशेषज्ञ कह रहे हैं कि मैं दावेदार हूं लेकिन मैं इन बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता। अपनी तैयारियों के लिए आनंद ने कहा कि उनके पास अभी चार महीने का समय है और वह नए वर्ष से अपनी तैयारियां शुरू करेंगे।
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