नई दिल्ली। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी अब भी कसाब को पाकिस्तानी मानने को तैयार नहीं है। जरजादी ने कहा है कि उनकी जांच जारी है और अभीतक इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है कि मुंबई पर हमला करने वाले लोग पाकिस्तान से आए थे। उन्होंने ये भी कहा कि कसाब के बारे में भी ये पुष्टि नहीं हो पाई है कि उसके पिता ने उसकी शिनाख्त की है। जरदारी के इस बयान से ये साफ होता है कि पाकिस्तान का इरादा क्या है।
अंतर्राष्ट्रीय दबाव के बावजूद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने यू टर्न मारा है। जरदारी ने साफ इनकार किया है कि मुंबई हमले में पाकिस्तान का हाथ है। जरदारी का कहना है कि भारत, यूएस और ब्रिटेन के अधिकारी लगातार ये दावा करते आए हैं कि मुंबई हमलों की जड़ें पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों में हैं। लेकिन इन लोगों के दावे को सच साबित करने का कोई ठोस आधार नहीं है।
हालांकि जरदारी ने कहा कि अगर इस मामले में कोई सबूत पेश किया जाता है तो पाकिस्तान कड़ी कार्रवाई करेगा। गौरतलब है कि मुंबई हमले के पीछ लश्कर के हाथ होने की पुष्टि की गई है। इसकी पुष्टि सिर्फ भारत ने की है बल्कि अमेरिका और ब्रिटेन ने भी किया है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि आतंकियों के मोबाइल पर लगातार कराची से आ रहे फोन को पाकिस्तान किस तरह का सबूत मानता है। हमले में इस्तेमाल ग्रेनेड भी पाकिस्तान के बने हैं। पाकिस्तानी मीडिया ने ही कसाब के घर का स्टिंग ऑपरेशन किया और ये भी पुष्टि हो चुकी है कि कसाब के पिता ने अपने बेटे को पहचान लिया है। जाहिर है इनके अलावा ऐसे तमाम सबूत हैं जो दुनिया के सामने हैं पर पाकिस्तान को नजर नहीं आ रहा है।
उधर पाकिस्तान के भारत में उच्चायुक्त शाहिद मलिक ने इस बात से इंकार किया है कि मुंबई हमले में जिंदा पकड़ा गया आतंकवादी अजमल कसाब पाकिस्तान के फरीदकोट गांव का रहने वाला है। लेकिन उनके दावे की पाकिस्तानी टीवी चैनल जियो के स्टिंग आपरेशन ने पोल खोल दी।
मालूम हो कि मुंबई पर 60 घंटे तक जारी आतंकी हमलों में 183 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए। भारत की व्यावसायिक राजधानी पर कहर बरपाने वाले पाकिस्तान से आए थे। इस बात की पुष्टि खुद पाकिस्तानी चैनल जियो टीवी के स्टिंग आपरेशन में हुआ। जिओ ने साबित किया है कि जिंदा पकड़ा गया आतंकी अजमल कसाब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फरीदकोट गांव का है।
इसके अलवा पाकिस्तान के उच्चायुक्त या तो सच्चाई देखना नहीं चाहते, या फिर पाक सरकार ने उनकी आंख पर पट्टी बांध दी है। TV-18 से खास बातचीत में उन्होंने इनकार कर दिया कि भारत के मोस्ट वॉंटेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम और जैश-ए-मोहम्मद चीफ अज़हर मसूद को पाकिस्तान ने शरण दी है।
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