नई दिल्ली। सिटिजन जर्नलिस्ट बनी शेफाली सेवक पेशे से वकील हैं। इन्होंने लड़ाई लड़ी अपने ऑफिस के करीब बने एक नामी होटल के खिलाफ जिसने सार्वजनिक पार्किंग स्थल को अपने कब्जे में ले लिया था।
2008 में जब शेरेटन होटल ने अपनी चारदीवारी के आसपास घेराबंदी की तो शेफाली ने कुछ फोटो खींची। इसमें दिखाया गया कि कैसे पार्किंग बोर्ड लगाकर अवरोध खड़े कर दिये गए। इतना ही नहीं होटल प्रबंधन ने यहां पर एक गार्ड भी रख दिया जो आम लोगों को होटल की दीवार के साथ लगने वाली पार्किंग पर रोकने का काम करता था।

IBN7 की मदद के बाद ना सिर्फ होटल मैनेजमेंट ने शेफाली के साथ बात की बल्कि इस बातचीत का असर भी दिखा। हफ्ते भर के भीतर आम लोग उस जगह को फिर इस्तेमाल करने लगे। शेफाली ने जहां संघर्ष किया वहीं दूसरी ओर अक्सर लोग चुप रहते हैं और परेशान होते हैं।
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