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18 साल से गांव को है एक डिस्पेंसरी का इंतजार

Posted on Jan 23, 2012 at 01:35pm IST | Updated Jan 23, 2012 at 02:16pm IST

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पुंछ। अयाज मुगल पुंछ के मराह गांव में रहते हैं। ये इलाका आतंकवाद से काफी वक्त तक प्रभावित रहा है। 1993 में सरकार ने यहां डिस्पेंसरी खोलना स्वीकृत किया था लेकिन 18 साल बीतने के बाद भी गांव के लोगों को डिस्पेंसरी का इंतजार हैं।

2010 में अयाज ने मुख्यमंत्री से इस देरी को लेकर शिकायत की। वहां से बताया गया कि ब्लॉक डेवेलपमेंट अधिकारियों को डिस्पेंसरी बनाने के लिए 1999 में 10 लाख रुपए दिए गए हैं। यानि पैसा एलॉट हुए 10 साल से ज्यादा वक्त गुजर चुका है लेकिन यहां कुछ नहीं हुआ है।

18 साल से गांव को है एक डिस्पेंसरी का इंतजार

इसके बाद अयाज ने ग्रामीण विकास विभाग में 7 महीने पहले आरटीआई से जानकारी मांगी थी लेकिन उन्हें अभी तक जवाब नहीं मिला है। आईबीएन 7 की सिटीजन जर्नलिस्ट टीम के साथ वो ग्रामीण विकास विभाग पहुंचे। डायरेक्टर ने कैमरा पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।




डाइरेक्टर ने कैमरे पर आने से इंकार कर दिया। लेकिन उन्होने एक चिट्ठी संबंधित अधिकारियों के भेजी है और 2 हफ्तों मे रिपोर्ट देने के लिए कहा है। उम्मीद है कि गांव के लोगों को अगले 18 साल तक नहीं इंतजार करना होगा।


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