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फर्जी डिग्री से मंत्री के बच्चों को मिला मलाईदार पद!

Posted on Jan 23, 2012 at 02:01pm IST | Updated Jan 23, 2012 at 05:39pm IST

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ईटानगर। पाई ग्याडी के संघर्ष की शुरुआत हुई 2007 में, जब अरुणाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के बेटे अकुंग वैली की नियुक्ति इंस्पेक्टर टैक्स एंड एक्साइज के पद पर हुई। उन्होंने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के प्रगज्योतिष कॉलेज का ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट जमा किया।

तीन साल बाद, जब अतुम कल्चरल मिनिस्टर बने, तो उनकी बेटी अनुंग को सोशल और कल्चरल ऑर्गनाइजर बनाया गया। अपने भाई की तरह ही अनुंग ने भी ग्रैजुएशन डिग्री जमा कर दी, जो उनका कहना था कि गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के बेलटोला कॉलेज की है।

फर्जी डिग्री से मंत्री के बच्चों को मिला मलाईदार पद!

पाई को पता चला कि ये नियुक्तियां फर्जी सर्टिफिकेट के दम पर हासिल की गई हैं। तब उन्होंने प्रगज्योतिष और बेलटोला यूनिवर्सिटी में RTI के जरिए जानाकरी मांगी। इसके बाद जो जवाब मिला वो बेहद चौंकाने वाला था।




पाई ने कानूनी रूप से इस फर्जीवाड़े का सच सामने लाने की बहुत कोशिश की लेकिन उन्हें अधिकारियों से कोई मदद नहीं मिली। उन्होंने एक्साइज और कल्चरल डिपार्टमेंट में इन फर्जी नियुक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के लिए पेटिशन डाली, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

जब पुलिस ने मंत्री और उनके बच्चों के खिलाफ FIR लिखने से मना कर दिया तो पाई को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। हालांकि अदालत ने पाई के हक में फैसला दिया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।


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