नई दिल्ली। जयपुर साहित्य उत्सव में विवादास्पद लेखक सलमान रश्दी की वीडियो वार्ता स्थगित होने के एक दिन बाद भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कण्डेय काटजू ने बुधवार को कहा कि रश्दी 'मामूली' और 'औसत दर्जे के लेखक' हैं। उन्होंने विवादास्पद 'द सैटेनिक वर्सेज' न लिखी होती तो वह एक गुमशुदा लेखक होते।
काटजू ने एक बयान में कहा कि जयपुर साहित्य उत्सव में सलमान रश्दी छाए रहे। उन पर प्रतिबंध लगाया जाना सही है अथवा नहीं, मैं इस विवाद में नहीं पड़ना चाहता लेकिन मैं एक बहुत ही महत्वपूर्ण मौलिक मुद्दे को उठा रहा हूं। काटजू ने कहा कि मैंने रश्दी की कुछ कृतियां पढ़ी हैं और मेरी राय है कि वह एक मामूली लेखक हैं और उन्होंने यदि 'सैटेनिक वर्सेज' न लिखी होती तो वह मशहूर नहीं हुए होते। यहां तक कि उनकी 'मिडनाइट्स चिल्ड्रेन' मुश्किल से महान साहित्य की श्रेणी में आती है।

उन्होंने कहा कि मैं धार्मिक रुढ़िग्रस्तता का पक्षधर नहीं हूं लेकिन मैं एक औसत दर्जे के लेखक को नायक बनाने का इच्छुक भी नहीं हूं। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश काटजू ने ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के लेखक के प्रशंसकों की निंदा करते हुए कहा कि वे 'औपनिवेशिक हीनता की ग्रंथि' से पीड़ित हैं कि विदेश में रहने वाला लेखक महान होता है।
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