इंफाल। मणिपुर विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच हुए मतदान के दौरान करीब 75 फीसदी मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया। इस दौरान हिंसक घटनाओं में एक अर्धसैनिक बल के जवान और एक संदिग्ध नागा उग्रवादी सहित कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। राज्य की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए मतदान से 15 महिला सहित 279 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में बंद हो गया। राज्य में 17 लाख योग्य मतदाता थे।
पिछले एक सप्ताह के दौरान श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों और उग्रवादी खतरों के बावजूद लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने घरों से निकले और वे मतदान केंद्रों पर कतारबद्ध खड़े रहे।

राज्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान 2,357 मतदान केंद्रों पर हुआ, जिनमें से 875 केंद्र अति संवेदनशील थे। लवमकुंगा ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सभी ऐहतियात बरते गए। उन्होंने कहा कि फर्जी मतदान या अन्य किसी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर वीडियो कैमरे लगाए गए।
मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह और उनकी पत्नी लनधोनी देवी ने सुबह लगभग 7.30 बजे खंगबोक विधानसभा क्षेत्र में थौबल अफोकपाम लोवर प्राइमरी स्कूल में मतदान किया। लनधोनी देवी खंगबोक सीट से मौजूदा विधायक हैं। मुख्यमंत्री ने वोट डालने के बाद कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि कांग्रेस लगभग 45 सीटें हासिल करेगी। लेकिन कम से कम 35 सीटें तो हम हर हाल में जीत रहे हैं।
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