लखनऊ। क्या आप मान सकते हैं कि आईपीएस अधिकारियों के साथ भी हद दर्जे की बदसलूकी होती है? उन्हें आईएएस अफसरों के सामने घुटने टेकने को मजबूर किया जाता है। बड़े आईएएस अधिकारी इस बात का दावा करते हैं कि डीजीपी स्तर के अधिकारियों को भी मुख्यमंत्री के पैरों में लोटना पड़ता है। इसलिए क्योंकि डीजीपी भी आईएएस नहीं बल्कि आईपीएस अफसर होता है। ये खुलासा किया है सिद्धार्थनगर जिले के एसपी रहे आईपीएस मोहित गुप्ता ने। आईबीएन7 के पास मौजूद है मोहित गुप्ता की वो चिट्ठी जो यूपी में आईपीएस अफसरों की हालत को बताती है।
आईबीएन7 के पास मौजूद चिट्ठी में मोहित गुप्ता ने लिखा है कि बस्ती के कमिश्नर ने साफ कहा कि जब डीजीपी एक महिला मुख्यमंत्री के पैरों में लोट सकता है तो आपको महिला डीएम के सामने झुकने में आखिर क्या समस्या है? ये चिट्ठी 26 जनवरी 2012 को लिखी गई है। मोहित गुप्ता यूपी के सिद्धार्थनगर के एसपी थे। जबकि उनसे एक बैच जूनियर आईएएस अफसर वी चैत्रा इसी जिले की डीएम।
अपनी चिट्ठी में 2006 बैच के आईपीएस अफसर मोहित गुप्ता ने लिखा है कि डीएम वी चैत्रा की शिकायत पर बस्ती के कमिश्नर और सीनियर आईएएस अफसर अनुराग श्रीवास्तव ने उनका जीना हराम कर रखा था। अनुराग श्रीवास्तव ने एक बैठक में मोहित गुप्ता को सबके सामने कहा कि

कमिश्नर के अलफाज पर यूपी के आईपीएस अधिकारियों का पारा गर्म हो गया। चिट्ठी में गुप्ता ने लिखा है कि कमिश्नर ने उनको कहा कि जब वो मुख्यमंत्री के विशेष सचिव थे तो डीजीपी को मुख्यमंत्री के पैरों में पड़ा देखा है, जब डीजीपी एक महिला मुख्यमंत्री के पैरों में लेट सकता है तो आपको महिला डीएम के सामने झुकने में आखिर क्या समस्या है?
तीन पन्नो की इस चिट्ठी में मोहित गुप्ता ने ऐसी कई घटनाओं का जिक्र किया है जिसमें डीएम सिद्धार्थनगर और कमिश्नर अनुराग श्रीवास्तव ने उन्हें अपमानित करने की कोशिश की। मोहित गुप्ता के मुताबिक डीएम थाना प्रभारियों की तैनाती तक में अड़ंगा लगाती थीं। एसपी की जानकारी के बिना पुलिसकर्मियों की मीटिंग बुला लेती थीं। इस चिट्ठी में कमिश्नर की मीटिंग का हवाला देते हुए मोहित गुप्ता ने लिखा है कि कमिश्नर ने भरी मीटिंग में असंसदीय शब्दों को इस्तेमाल किया।
मीटिंग में कमिश्नर आग बबूला हो गए और गरजे की तुम्हारी इतनी मजाल की जिलाधिकारी के बुलाने के बाद भी तुम नहीं गए, तुम अपने आप को समझते क्या हो…शी इज योर बॉस...गुप्ता ने चिट्ठी में लिखा है कि मैं ने सम्मानपूर्वक उनसे आग्रह किया कि आप मुझसे इस लहजे में बात ना करें, जिस पर वे तिलमिला गए और चिल्लाकर बोले कि तेरी इतनी मजाल, यू गेट आउट ऑफ माई ऑफिस। मैं अपने कागज उठाकर बाहर जाने के लिए उठा तो वो खीझ उठे और बोले ही इज ब्लडी इडियट!
सरकार ने मोहित गुप्ता की शिकायत पर टीम गठित कर मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में पारदर्शिता रहे इसके लिए टीम में एक सीनियर आईएएस के साथ ही साथ एक सीनियर आईपीएस अफसर को भी रखा गया है। अब सबको जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इस घटना ने यूपी की ब्यूरोक्रेसी में दरार की कहानी पर से पर्दा हटा दिया है।
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