ओस्लो। नार्वे की दूरसंचार कंपनी टेलीनॉर भारत में 2जी लाइसेंस रद्द किए जाने के उच्चतम न्यायालय के फैसले को देखते हुए अपना करोबार समेटने के विकल्प पर विचार कर रही है। टेलीनॉर भारत में रिएलटी कंपनी यूनीटेक के साथ मिलकर यूनीनॉर के नाम से टेलीकॉम कंपनी चला रही है।
उच्चतम न्यायालय ने कल वर्ष 2008 में हुए 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में भारी घपले का हवाला देते हुए यूनीनॉर समेत 9 टेलीकॉम कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने का फैसला सुनाया। हालांकि न्यायालय ने साथ ही यह भी कहा कि लाइसेंस रद्द होने से प्रभावित कंपनियां चार महीने के अदंर 2जी स्पेक्ट्रम जारी करने की नई व्यवस्था शुरू होने तक अपना कारोबार जारी रख सकती हैं।

टेलीनॉर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फ्रेडरिक बाकसास ने इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि कई विकल्पों में से भारत से अपना कारोबार समेटना भी एक विकल्प है जिसपर हम विचार कर रहे हैं। न्यायालय का फैसला भारत में हमारे कारोबार पर गहरा आघात है। हमने भारतीय नियमों और कानून का पूरी तरह पालन किया और कई बड़ी टेलीकॉम कंपनियों को कड़ी प्रतिस्पर्द्धा भी दी लेकिन जो कुछ अब हो रहा है ऐसा हमने दुनिया के किसी देश में कहीं नहीं देखा।
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