इस्लामाबाद। पाकिस्तान की स्थापना के 64 वर्षों बाद आज राष्ट्रीय महिला आयोग से जुड़ा कानून पारित होने के साथ ही महिला अधिकारों के लिए पूरी तरह स्वतंत्र और स्वायत्त संस्था के गठन का रास्ता साफ हो गया।
महिलाओं के दर्जे पर राष्ट्रीय आयोग विधेयक 2012 आज संसद के ऊपरी सदन सीनेट में सर्वसम्मति से पारित हो गया। नेशनल एसेंबली में यह 19 जनवरी को पारित हो चुका था। दोनों सदनों से विधेयक के पारित होने पर प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने सांसदों को बधाई दी।
मानवाधिकारों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार मुस्तफा नवाज खोखर ने यह विधेयक सीनेट में पेश किया था। खोखर ने बताया कि यह स्वतंत्र एवं स्वायत्त संस्था होगी और इसे पूरी वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां प्राप्त होंगी। इसका मुख्य काम महिलाओं की बराबरी के लिए बनाई गई नीतियों और कार्यक्रमों तथा सरकार की ओर से किये गये अन्य उपायों की जांच-पड़ताल करना होगा।
महिलाओं के अधिकारों के लिए एक स्वायत्त संस्था की स्थापना की मुहिम राष्ट्रीय महिला आयोग की तत्कालीन प्रमुख माजिदा रिजवी ने आज से सात वर्ष पहले शुरू की थी लेकिन यह विधेयक संसद में पारित नहीं हो सका था।
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