नई दिल्ली। नार्वे की कम्पनी टेलीनॉर ने कहा कि वह अपनी भारतीय सहायक कम्पनी यूनिनॉर में 72.45 करोड़ डॉलर के अपने निवेश को खर्च में प्रदर्शित करेगी। कम्पनी का यह फैसला सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 2जी के 122 लाइसेंसों को रद्द करने के आदेश के बाद आया। न्यायालय के फैसले में यूनिनॉर के 22 लाइसेंस भी रद्द कर दिये गए हैं। कम्पनी ने कहा कि इस निर्णय से उसके भारतीय व्यवसाय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और इसका उद्देश्य अपने निवेश को बचाना है।
कम्पनी ने अपने बयान में कहा कि आईएफआरएस (इंटरनेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिग स्टैंडर्डस) लेखा परीक्षण मानदंडों के अनुसार टेलीनॉर अपनी सम्पत्तियों एवं देनदारिओं के मूल्यों के आकलन के लिए प्रतिबद्ध है।

2जी लाइसेंसों के आवंटन रद्द होने के बाद टेलीनॉर ने भारत में अपने 72 करोड़ 45 लाख डॉलर के निवेश को खर्च दिखाने का निश्चय किया है। टेलीनॉर ने बताया कि यह लेखांकन प्रक्रिया है और इसका यूनिनॉर के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
एक अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि टेलीनॉर लाइसेंस रद्द होने के बाद भारत से अपना कारोबार समेट सकती है और वह इसके लिए नये नियमों का इंतजार नहीं करेगी। यूनिनॉर के देश में 3.60 करोड़ से अधिक उपभोक्ता हैं।
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