लखनऊ। चुनाव आयोग ने यूपी के सलोन में चुनाव अब्जर्वर आईएएस अधिकारी पवन सेन का आनन फानन में तबादला कर दिया। ये कार्रवाई अब सवालों के घेरे में है। महज चार घंटे के भीतर चुनाव आयोग की तरफ से की गई दो कार्रवाईयों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रियंका गांधी के पति और गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चुनाव आचार संहिता के तहत कार्रवाई करने वाले आईएएस पवन सेन का आनन फानन में तबादला कर दिया गया।
रायबरेली में चुनाव अब्जर्वर बना कर भेजे गए आईएएस अधिकारी पवन सेन ने चुनाव आचार संहिता का हवाला देते हुए सोमवार को रॉबर्ड वाड्रा का बाइक जुलूस रोक दिया था। आनन फानन में चुनाव आयोग ने इस अफसर का तबादला कर दिया। लेकिन आईबीएन 7 पर इस खबर को दिखाए जाने के बाद ही तबादला रोक दिया गया। चुनाव आयोग का ये फैसला अब सवालों के घेरे में है।

चुनाव आयोग ने आईएएस अधिकारी पवन सेन को फैक्स के द्वारा तबादले की सूचना दी। फैक्स के मुताबिक आदेश में कहा गया है कि सेन को ऑब्जर्वर पद से तत्काल हटाया जा रहा है। आदेश में ये भी लिखा है कि उन्हें गोवा में जिलाधिकारी बना कर भेजा जा रहा है। ये आदेश सोमवार को 7 बज कर 39 मिनट पर आया। तब जबकि पवन कुमार सेन गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ड वाड्रा के बाइक जुलूस के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन की कार्रवाई करके अपने दफ्तर पहुंचे ही थे।
इसके बाद सवाल उठने लगे कि आखिर आनन फानन में एक आईएएस अधिकारी को अब्जर्वर के पद से क्यूं हटाया गया? क्या रॉबर्ड वाड्रा के खिलाफ कार्रवाई करना ही आईएएस को महंगा पड़ा? आईबीएन7 ने जब ये खबर दिखाई तो चुनाव आयोग हरकत में आया और सेन का तबादला रोक दिया गया। चुनाव आयोग से आए तबादला आदेश में लिखा है कि वी यशवंत को तत्काल प्रभाव से उनको प्रदत्त विधानसभा चुनाव क्षेत्र में ड्यूटी के लिए नियुक्त किया जाता है। ये तबादला आदेश फैक्स के जरिए भेजा जा रहा है। जिसे 01123052061 फैक्स नंबर से कंफर्म किया जा सकता है। यूपी के मुख्य चुनाव अधिकारी को भी इसकी कॉपी भेजी जा रही है कि आईएएस पवन कुमार सेन को 181 सलोन, छत्रपति साहू जी महाराज नगर विधानसभा क्षेत्र से अब्जर्वर की ड्यूटी से तुरंत रिलीव किया जाए, क्योंकि इनकी तैनाती गोवा सरकार द्वारा जिलाधिकारी के रूप में की जा चुकी है।
आपको बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा सोमवार को चुनाव प्रचार करने रायबरेली पहुंचे थे। यहां सलोन इलाके में वो एक मोटरसाइकिल जुलूस निकाल रहे थे। मौके पर बतौर ऑब्जर्वर ड्यूटी कर रहे आईएएस अधिकारी पवन कुमार सेन ने पाया कि काफिले में अनुमति से ज्यादा गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया है। लिहाजा उन्होंने काफिले को रोककर दो गाड़ियां सीज कर दी। इसी के कुछ घंटों बाद सेन का तबादला कर दिया गया। तबादले का आदेश सीधे दिल्ली चुनाव आयोग से जिलाधिकारी रायबरेली को आया।
चुनाव आयोग का कहना है कि सेन के तबादले का रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है। लेकिन आयोग के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं कि आखिर उसने सेन का रातोरात तबादला करने और उन्हें आनन फानन में रिलीव करने की जल्दबाजी क्यूं दिखाई? तब जबकि चुनाव आयोग के इतिहास में शायद ही कभी किसी ऑब्जर्वर को इस अंदाज में हटाया गया हो। अगर गोवा में उनकी तैनाती इतनी ही जरूरी थी तो उनको अब्जर्वर के तौर पर तैनात क्यूं किया गया?
(IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!)
More on: uttar pradesh election 2012, robert wadra, congress, bikes juloos, election commission, ias, transfer








कमेंट्स
8