नई दिल्ली। वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में घिरे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व आयुक्त ललित मोदी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आईपीएल की एक फ्रेंचाइजी के एक अधिकारी ने अब दावा किया है कि मोदी ने ही मुंबई इंडियंस को फायदा पहुंचाने के लिए गुप्त टाईब्रेक नियम बनाया था।
मोदी ने मंगलवार को एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में दावा किया था कि टाईब्रेक नियम का मकसद सभी टीमों को बराबर अवसर देना था। लेकिन फ्रेंचाइजी अधिकारी ने उनके इस दावे की हवा निकालते हुए कहा कि सच्चाई यह है कि आईपीएल में पक्षपात होता रहा है और बराबरी जैसी कोई बात नहीं है।

अधिकारी ने कहा कि जब आप टाईब्रेकर जैसा कोई नियम बनाते हैं तो इसका मकसद किसी खास टीम को लाभ पहुंचाना होता है। मोदी ने खुद यह नियम बनाया था ताकि आईपीएल नीलामी में किरोन पोलार्ड मुंबई इंडियंस को मिल सके। नीलामी में जब दो टीमें किसी खिलाड़ी के लिए अधिकतम मान्य बोली लगाती है तब टाईब्रेकर नियम का इस्तेमाल किया जाता है। दोनों टीमों को एक सीलबंद लिफाफे में अपनी गुप्त बोली की रकम लिखकर देने को कहा जाता है और ज्यादा बोली लगाने वाली टीम को खिलाड़ी मिल जाता है।
इस रकम का खुलासा नहीं किया जाता है और यह बीसीसीआई के खाते में जाती है। अब तक केवल तीन खिलाड़ियों को ही इस नियम के तहत खरीदा गया है। साल 2010 में किरोन पोलार्ड को मुंबई इंडियंस ने और शेन बांड को कोलकाता नाइटराइडर्स ने टाईब्रेक में खरीदा था।
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