IBN7 IBN7

[+] 205 और खबरें

मुंबई हमले का एक महीना पूरा, शहीदों को देश का सलाम

Posted on Dec 26, 2008 at 09:34pm IST | Updated Dec 28, 2008 at 08:27pm IST

मुंबई। मुंबई हमले का एक महीना बीत चुका है। आज पूरे देश के लोगों ने मुंबई को बचाने वाले उन जांबाज सिपाहियों को याद किया जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए मुंबई को बचाया।

26 नवंबर की रात जब आतंकी ताज को अपने कब्जे में ले लिया था। तभी जोन वन के डीसीपी नागरे पाटिल अपने सात पुलिसवालों के साथ सबसे पहले ताज पहुंचे थे। आतंकियों के बारे में उन्होंने ही सबसे पहले कंट्रोल रूम को बताया था।

आतंकवादी ताज में घुसते ही बेखौफ होकर होटल का जायजा ले रहे थे। मुंबई पुलिस भी ताज के सीसीटीवी कंट्रोल रूम से ये सारा नजारा देख रही थी। लेकिन क्या करते एक तरफ अत्याधुनिक हथियारों के साथ आतंकवादी तो दूसरी तरफ महज राइफल का साथ ताज में मौजूद डीसीपी ने पुलिस कमिश्नर हसन गफूर को हालात की जानकारी दी। पुलिस कमिश्नर हसन गफूर के होश उड़ गए। उन्हें पता चल चुका था कि हमला काफी बड़ी साजिश और तैयारी के साथ किया गया है। लेकिन ताज में मौजूद लोगों को किसी भी सूरत में बचाना था और उससे भी अहम आतंकवादियों को ऊपर ही रोके रखना था।




कमिश्नर ने DCP नागरे पाटिल को आदेश दिया कि मार्कोस के आने तक किसी कीमत पर मोर्चा नहीं छोड़ना है। इस आदेश के बाद नागरे पाटिल ने जो जवाब दिया उससे साफ है कि आधुनिक हथियार न होने के बावजूद मुंबई पुलिस के हौसले कितने बुलंद थे। नागरे ने कहा कि उन्हें नीचे नहीं आने देंगे, करेंगे या मरेंगे।

चारों तरफ बरसती गोलियों के बीच मुंबई पुलिस का ये संदेश जांबाजी की बहुत बड़ी मिसाल है। आतंकी एक के बाद एक हैंडग्रेनेड फेंकते जा रहे थे। आखिर कब आएंगे कमांडो। वायरलेस पर संदेश गोलियों की तरह ही आ-जा रहे थे। पुलिस वालों को लगातार ये भरोसा दिया जा रहा था कि असॉल्ट टीम यानी हमला करने वाले कमांडो की टीम निकल चुकी है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया का भी संदेश आया।

आतंकवादियों से जूझते पुलिस वालों को आने वाले कमांडोज की चिंता थी। घात लगाकर हमला करने की फितरत का अंदाजा था। वो बीच-बीच में राइफल और पिस्तौल से ऊपर की ओर जाती सीढ़ियों पर गोलियां दाग रहे थे। उन्हें भरोसा दिया गया कि 4 से 5 मिनटों में असॉल्ट 7 टीम पहुंच रही है। उन्हें वक्त की चिंता नहीं थी, इस बात की चिंता ज्यादा थी कि कहीं उनकी पुरानी जंग खाई राइफलें धोखा न दे जाएं।

लेकिन जब हौसला हो तो जंग खाए हथियारों से भी बड़ी लड़ाई लड़ी जा सकती है। जिस वक्त मुंबई पुलिस ताज होटल में आतंकवादियों से जूझ रही थी उसी वक्त गिरगांव चौपाटी पर मुंबई पुलिस के जवानों ने एके-47 चलाते हुए आतंकियों से मुकाबला किया। मुंबई पुलिस की दिलेरी के चलते ही आज देश के पास पाकिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत है। जिंदा आतंकवादी अजमल कसाब।

मुंबई पुलिस का वो हेड कांस्टेबल जिसने देश को पाकिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत दिया। जिसने गिरगांव चौपाटी पर आतंकवादियों से मुकाबला किया और एक खतरनाक आतंकवादी को ढेर करते हुए दूसरे को धर दबोचा। अजमल कसाब के सामने चट्टान बनकर खड़ा हो गया। हाथ में सिर्फ एक लाठी लेकिन मुकाबला एके-47 से।

तुकाराम की दिलेरी के चलते डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन की इस टीम ने तुरंत दोनों आतंकवादियों पर शिकंजा कस लिया। इस वक्त तक उन्हें एहसास नहीं था कि इनमें से एक आतंकवादी जिंदा है। पुलिस के इन जवानों को तो अपनी साथी की मौत पर दुख जताने तक का वक्त नहीं मिला।

मुंबई हमले के एक महीने बाद अब डीबी रोड पुलिस स्टेशन के इन पुलिसवालों को एहसास हो रहा है कि उन्होंने कितनी बड़ी कामयाबी हासिल की। अगर अजमल कसाब जिंदा न पकड़ा जाता तो पाकिस्तान के खिलाफ सबूतों की लड़ाई कमजोर पड़ जाती। मुंबई पर हमला करने वालों के खिलाफ सोचकर इनका खून खौल उठता है। लेकिन जब अपने साथियों की याद आती है। वो आंखे नम हो जाती हैं।

26 नवंबर को मुंबई पुलिस के जवानों ने एक ऐसी मिसाल कायम की जिसे भूल पाना आसान नहीं होगा। हमले के कुछ घंटों बाद तक न एनएसजी थी, न मार्कोस थे। सिर्फ लाठी और राइफल के सहारे उन्होंने देश के दुश्मनों को जोरदार तमाचा जड़ा। उनकी बहादुरी को ये देश सलाम करता है। इस खबर पर आप अपनी राय दें। राय देने के लिए यहां क्लिक करें।


(अब IBN7 देखिए अपने आईपैड पर भी। इसके लिए IBNLive का आईपैड एप्स डाउनलोड कीजिए। बिल्कुल मुफ्त!)

IBNKhabarMore on: Mumbai, CST, Militant, Dahal Gayi Mayanagri



पिछली खबर
विदेश मंत्रालय की सलाह, पाक न जाएं भारतीय
अगली खबर
खाली पड़े हवाई अड्डों की चौकसी बढ़ी

IBN7IBN7
IBNLiveIBNLive
IBNLive IBNLive

कमेंट्स

4

  
अपना कमेंट भेजें

नाम *

 

सिटी *

ईमेल *

     

कमेंट्स *


IBN7IBN7
IBN7

देश में ये भी

पढ़ें: चिदंबरम पर कोर्ट के आदेश पर किसने क्या कहा

राजधानी की एक अदालत ने 2जी मामले में केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज कर दी। 14:07 PM, Feb 04, 2012

चिदंबरम को सहआरोपी बनाने की याचिका खारिज LIVE

टेलीकॉम घोटाला मामले में केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम को सह आरोपी बनाने की याचिका खारिज कर दी गई है। पटियाला हाउस कोर्ट के जज ओ पी सैनी ने यह फैसला सुनाया। 07:52 AM, Feb 04, 2012

जर्जर हो चुकी रेलवे का कायापलट करेंगे रेलमंत्री

पहली बार रेल बजट पेश करने की तैयारी में जुटे दिनेश त्रिवेदी मानते हैं कि रेलवे में सुरक्षा से लेकर रखरखाव तक, कुछ भी ठीक नहीं है। 22:25 PM, Feb 03, 2012

पाक आतंकी को लाइव शो में अय्यर ने सुनाईं खरी-खरी

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने एक पाकिस्तानी चैनल पर मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद को जमकर खरी-खोटी सुना दी। 20:44 PM, Feb 03, 2012

लाइसेंस रद्द होने से 25 हजार कर्मचारियों पर तलवार

टेलीकॉम घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने आठ कंपनियों के 122 लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। टेलीकॉम लाइसेंस रद्द होने से सिर्फ टेलीकॉम कंपनियां ही नहीं बल्कि इन टेलीकॉम कंपनियों में काम कर रहे 25 हजार कर्मचारियों के भी होश उड़े हुए हैं। 20:22 PM, Feb 03, 2012

काश...मैं इंदिरा गांधी का इंटरव्यू ले पाताः विजय अमृतराज

‘काश.. मैं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का इंटरव्यू कर पाता..’ ये शब्द भारत के महान टेनिस खिलाड़ियों में शुमार विजय अमृतराज के हैं। 18:08 PM, Feb 03, 2012
IBN7