बेंगलुरु। कर्नाटक की आठ विधानसभा सीटों के लिए शनिवार को संपन्न उपचुनाव में लगभग 60 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इन उपचुनावों में राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की साख दांव पर लगी है।
इन सभी सीटों पर इसलिए उपचुनाव हुए क्योंकि कांग्रेस के तीन और जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) के चार विधायकों ने इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था। एक सीट जेडीएस विधायक के निधन से खाली हुई थी।
इन उपचुनावों में 73 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा, जेडीएस और कांग्रेस के बीच है। सभी आठ सीटों पर भाजपा, जेडीएस और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।
ये उपचुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बने हुए हैं क्योंकि कांग्रेस और जेडीएस छोड़कर आए सात में से चार नेताओं को भाजपा सरकार में मंत्री पद से नवाजा गया था। आगामी 30 दिसम्बर को वोटों की गिनती का काम होगा।
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