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गरीब बच्चों को पढ़ा रहे हैं पेंटर चंदन पाल

Posted on Jan 05, 2009 at 07:58pm IST

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ग्वालियर। सरकार भले ही अपनी जिम्मेदारी भूल जाए लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दूसरों की जिंदगी बेहतर बनाना अपनी जिम्मेदारी मानते हैं और उसे ईमानदारी से निभा रहे हैं।

ग्वालियर के चंदन सिंह पाल बताते हैं कि कुछ साल पहले एक छोटी सी लड़की मुस्कान ने उनसे एक सवाल किया कि क्या उसके जैसे गरीब घर के बच्चों को पढ़ने-लिखने और स्कूल जाने का अधिकार नहीं है। इस एक सवाल ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी।

चंदन पाल खुद ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं लेकिन उन्होंने देखा कि बेसहारा और गरीब घर के बच्चे इसलिए नहीं पढ़ पाते हैं क्योंकि उनके पास स्कूल फीस जमा करने तक के पैसे नहीं होते हैं। चंदन ने उसी दिन पांच गरीब बच्चों को लेकर एक स्कूल खोला और स्कूल का नाम मुस्कान चिल्ड्रेन स्कूल रखा।




आज उनके स्कूल में 250 गरीब बच्चे पढ़ रहे हैं। स्कूल में इन्हें पढ़ाई के लिए किताबें, खाने के लिए मिठाई और चॉकलेट दी जाती है। चंदन पाल ने प्राथमिक शिक्षा पर ही जोर दिया है। स्कूल का स्टाफ भी समाज सेवा की भावना से काम में जुटा है।

गौरतलब है कि चंदन पाल सिंह पेशे से एक पेंटर हैं और अपनी इसी छोटी सी कमाई से वो स्कूल चलाते हैं और उनके इस काम में उनका पत्नी ने उनका पूरा साथ दिया है। जहां तक कि अपने जेवरात भी इसके लिए बेच दिए।

चंदन पाल को उम्मीद है कि उनके स्कूल से पढ़ लिखकर बच्चे एक दिन जरूर कुछ करके दिखाएंगे। इतना ही नहीं पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम जब इन बच्चों से मिले तो इनकी लगन देखकर हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि ये बच्चे एक दिन जरूर कामयाब होंगे। उनका ये संदेश चंदन और उनकी टीम को एक नई प्रेरणा दे रहा है।


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