IBN7 IBN7

[+] 7 और खबरें

विकलांग अविनाश बने दूसरों के लिए सहारा

Posted on Jan 05, 2009 at 08:05pm IST

Email
Print

डाल्टनगंज। सिटीजन जर्नलिस्ट अविनाश ने कई बच्चों की जिंदगी में ज्ञान का रोशनी फैलाई है। अविनाश के लिए जिंदगी का मतलब है हंसते हुए मुश्किलों को हल करना। वो खुद विकलांग हैं और दूसरे विकलांग बच्चों के लिये उम्मीद की किरण बने हुए हैं।

गोपी दूसरे बच्चों की तरह चल नहीं सकता लेकिन स्कूल जाना चाहता है। दोस्तों के साथ खेलना चाहता है। उसकी इस ख़्वाहिश को उसके घरवाले तो पूरा नहीं कर सके लेकिन अविनाश ने पूरा कर दिया। दरअसल गोपी जैसे तमाम बच्चों के लिये अविनाश ने डाल्टेनगंज में एक स्कूल खोला है। यहां बच्चे न सिर्फ़ पढ़ते हैं बल्कि उनके लिये खेल और खाने पीने का भी इंतज़ाम है।

अविनाश करीब आठ साल पहले एक सरकारी दफ्तर में गए थे। जहां पन्द्रह साल का एक अपाहिज बच्चा कुछ सरकारी मदद के गुहार लेकर आया हुआ था, लेकिन सरकारी बाबू ने उसकी मदद करने के बजाय उसे दुत्कार कर भगा दिया। इस वाकये ने अविनाश को झकझोर दिया। उस दिन उन्होंने निश्चय किया कि अपाहिज बच्चों के लिए कुछ ऐसा किया जाय, जिससे किसी लाचार को किसी के सहारे की जरूरत न पड़े।




लेकिन अविनाश के लिए ये सब कुछ इतना आसान नहीं था। वो ऐसे बच्चों के लिये एक स्कूल खोलना चाहते थे और स्कूल के लिये ज़रूरत होती है जगह की। जगह हासिल करने के लिये अविनाश को बार-बार अधिकारियों का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा। काफ़ी मेहनत के बाद अविनाश को स्कूल खोलने के लिय़े एक इमारत तो मुहैया करायी गयी लेकिन बाकी की सुविधाएं नाम मात्र को मिल पायीं।

अविनाश बताते हैं कि करीब आठ साल तक संघर्ष करने के बाद भी उन्हें जो सरकारी मदद मिलनी चाहिए थी वो नहीं मिल पा रही है। अपाहिज बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन सरकार और उसके मुलाजिमों के कान पर जूं नहीं रेंग रही। लेकिन उन्हें कुंभकरणी नींद से जगाने का प्रयास अविनाश लगातार कर रहे हैं और करते रहेंगे।

धीरे-धीरे अविनाश के संघर्ष से दूसरे विकलांग भी जुड़ने लगे और उन्होंने विकलांग संघ बनाया। अब ये संघ विकलांग बच्चों की शिक्षा और भोजन के लिये काम कर रहा है। इतना ही नहीं संघ की कोशिशों से सौ से ज़्यादा विकलांग बच्चों को tricycle दिलायी जा चुकी हैं।


(अब IBN7 देखिए अपने आईपैड पर भी। इसके लिए IBNLive का आईपैड एप्स डाउनलोड कीजिए। बिल्कुल मुफ्त!)

IBNKhabarMore on: CJ, Avinash



पिछली खबर
गरीब बच्चों को पढ़ा रहे हैं पेंटर चंदन पाल
अगली खबर
250 लोगों की जिंदगी बचा चुके हैं कैलाश

IBN7IBN7
IBNLiveIBNLive
IBNLive IBNLive

कमेंट्स

1

  
अपना कमेंट भेजें

नाम *

 

सिटी *

ईमेल *

     

कमेंट्स *


IBN7IBN7
IBN7

सिटिज़न जर्नलिस्ट में ये भी

सीजे बने तो हुई कार्रवाई वरना FIR का भी पता न होता!

गौरव के संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब उन्होंने अपनी गोद ली बेटी के पिता के तौर पर अपना नाम रजिस्ट्रार के दफ्तर में दर्ज कराना चाहा। 13:54 PM, Jan 24, 2012

मजदूर ने दिखाया RTI का दम तो तुड़वा दी गईं टांगें

राजस्थान के एक आम मजदूर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ़ आवाज क्या उठाई, भ्रष्टाचारियों के पैरों तले से जैसे जमीन ही खिसक गई। 14:06 PM, Jan 23, 2012

फर्जी डिग्री से मंत्री के बच्चों को मिला मलाईदार पद!

पाई ग्याडी के संघर्ष की शुरुआत हुई 2007 में, जब अरुणाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के बेटे अकुंग वैली की नियुक्ति इंस्पेक्टर टैक्स एंड एक्साइज के पद पर हुई। 14:01 PM, Jan 23, 2012

18 साल से गांव को है एक डिस्पेंसरी का इंतजार

अयाज मुगल पुंछ के मराह गांव में रहते हैं। ये इलाका आतंकवाद से काफी वक्त तक प्रभावित रहा है। 13:35 PM, Jan 23, 2012

शेफाली को संघर्ष से मिली जीत, आप भी चुप मत बैठिए

सिटिजन जर्नलिस्ट बनी शेफाली सेवक पेशे से वकील हैं। इन्होंने लड़ाई लड़ी अपने ऑफिस के करीब बने एक नामी होटल के खिलाफ जिसने सार्वजनिक पार्किंग स्थल को अपने कब्जे में ले लिया था। 13:03 PM, Jan 23, 2012

प्रदीप ने बंद करवाई चाय की दुकान पर शराब की बिक्री

प्रदीप भाटिया ने मुंबई के मीरा रोड पर एक चाय की दुकान में अवैध शराब की बिक्री का पर्दाफाश किया था। 12:48 PM, Jan 23, 2012

डॉक्टरों की लापरवाही से परीक्षित ने खो दिया परिवार!

परीक्षित का आरोप है कि बैंगलोर के एक अस्पताल की लापरवाही की वजह से उनकी पत्नी कपाली और अजन्मे बच्चे की मौत हुई। 12:40 PM, Jan 23, 2012

गरीबों को मनरेगा हो या बीपीएल, नहीं मिलता सही हक

सरकार गरीबों के लिए तमाम योजनाएं बनाती है, जो अगर ठीक ढंग से लागू की जाएं तो वाकई चमत्कारी बदलाव लाए जा सकते हैं। लेकिन अफसोस ये कि ये योजनाएं जरूरतमंदों तक पहुंचती ही नहीं है। 15:04 PM, Jan 13, 2012

कहने को तीन नहरें पर तीनों सूखी, प्रशासन नींद में

उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर जिले में जहां किसान बेहद परेशान हैं। कहने को तो इलाके में तीन नहरें हैं, लेकिन फसलों को पानी नसीब नहीं होता। 15:02 PM, Jan 13, 2012

नौकरी को दांव पर लगाकर किया भ्रष्टाचार का पर्दाफाश

कामता मिश्र कारीधारड़ी पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। इनको शिक्षा विभाग में लंबे समय से खुलेआम हो रहे भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं हुआ। 14:58 PM, Jan 13, 2012
IBN7