नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खुलकर मोदी के पक्ष में आ गया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के बाद अब आरएसएस नेता राम माधव ने कहा है कि हिन्दुत्व उदारवादी और धर्मनिरपेक्ष है। संघ ये हमेशा से कहता रहा है। हम इस मसले पर सिर्फ अपनी बात दोहरा रहे हैं।
गौरतलब है कि लातूर में संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने स्वंयसेवकों को संबोधित करते हुए सवाल किया था कि कोई हिंदुत्ववादी भारत का प्रधानमंत्री क्यों नहीं बन सकता? नीतीश के बयान पर संघ प्रमुख ने ऐतराज जताते हुए कहा कि उन्हें ये बताने की जरूरत नहीं है कि कौन धर्मनिरपेक्ष है? उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या आज तक के प्रधानमंत्री धर्मनिरपेक्ष नहीं थे? साफ है कि भागवत, मोदी की दावेदारी के समर्थन में खुलकर आ गए हैं।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान के बाद जेडीयू बुरी तरह भड़क गई है। जेडीयू नेता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि प्रधानमंत्री पद के लिए किसी कीमत पर उनकी पसंद कोई धर्मनिरपेक्ष उम्मीदवार ही होगा। मोदी के मुद्दे पर एनडीए में भी फूट साफ है। नीतीश अपने बयान पर कायम है तो बीजेपी के नेता बलबीर पुंज ने नीतीश पर तीखा पलटवार किया है और पूछा है कि 2002 में जब गुजरात के दंगे हुए थे तो उन्होंने वाजपेयी सरकार में रेल मंत्री पद से इस्तीफा क्यों नहीं दिया। बीजेपी ने कहा है कि उसे किसी शख्स या पार्टी से सेक्यूलर होने वाला सर्टिफिकेट नहीं चाहिए।
इस बीच बीजेपी कोटे से बिहार के मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि वो धर्मनिरपेक्षता पर दोहरा रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अगर नीतीश को लगता है तो वो उन्हे अपने मंत्रीमंडल से बाहर निकाल सकते हैं। पूर्व रेल मंत्री रामविलास पासवान ने भी नीतीश कुमार की खिंचाई की है। पासवान ने कहा है कि नीतीश कुमार बिहार के मसलों से देश का ध्यान भटकाने के लिए इस वक्त धर्मनिरपेक्षता का मुद्दा उठा रहे हैं।
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