विएना। यूरोजोन में जारी संकट के बावजूद वैश्विक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में साल 2011 में 16 फीसदी की इजाफा दर्ज की गई है और यह 15.36 खरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट से सामने आई है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यूएन कांफ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट (यूएनसीटीएडी) द्वारा तैयार की गई 'वर्ल्ड इंवेस्टमेंट रिपोर्ट 2012' (विश्व निवेश रिपोर्ट -2012) के मुताबिक धीमी वैश्विक आर्थिक विकास दर के कारण 2012 में वैश्विक एफडीआई में धीमी दर से वृद्धि का अनुमान है, जो 16 खरब डॉलर तक हो सकता है।
अमेरिका में 2011 में कुल 227 अरब डॉलर का एफडीआई आया था, जो कि 15 फीसदी इजाफा को बताता है। इसके अलावा 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ में 32 फीसदी की इजाफा के साथ कुल 421 अरब डॉलर का एफडीआई आया।
चीन में एफडीआई का कुल आगमन 124 अरब डॉलर रहा, जो कि आठ फीसदी इजाफा को दर्शाता है। जबकि भारत में 31 फीसदी की इजाफा के साथ कुल 67 अरब डॉलर का एफडीआई आया।
गुरुवार को जारी इस रिपोर्ट में कहा गया कि 2011 में लगभग 45 प्रतिशत इन्वेस्टमेंट विकासशील देशों में गया, और यह कुल 684 अरब डॉलर ठहरता है। यह राशि विकासशील देशों को गए निवेश में 11 फीसदी की इजाफा दर्शाती है।
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