नई दिल्ली। श्रीलंका में खेलना टीम इंडिया और खासकर धोनी के लिए ज्यादा चुनौती भरा नहीं लगता, कम से कम आंकड़े तो यही कहानी कहते हैं। धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने श्रीलंका में ट्राएंगुलर सीरीज और एशिया कप में जीत हासिल की है। इसके अलावा टीम इंडिया दो खिताबी मुकाबलों के फाइनल में भी पहुंची है।
आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि जब से धोनी कप्तान बने हैं उन्होंने श्रीलंकाई जमीं पर जबरदस्त कामयाबी हासिल की है। 2008 में 5 मैचों की सीरज में धोनी की टीम ने श्रीलंका को 3-2 से हराया। इसके ठीक कुछ महीनों बाद 2008-9 सीजन में टीम इंडिया फिर से श्रीलंका दौरे पर गयी। इस बार नतीजा और बेहतर हुआ और टीम ने 4-1 से सीरीज जीती। ये पहला मौका रहा जब टीम इंडिया ने श्रीलंकाई जमीं पर 2 वन-डे सीरीज लगातार जीती।

वन-डे क्रिकेट में टीम इंडिया को श्रीलंकाई जमीं इतनी रास आती है कि 2009 में एक ट्राऐंग्युलर सीरीज और 2010 में एशिया कप में भी टीम इंडिया ने यहां जीत हासिल की। साल 2008 से 2010 के बीच धोनी की टीम ने एक और एशिया कप और एक और ट्राऐंग्युलर सीरीज में हिस्सा लिया। इन दोनों टूर्नामेंट में भले ही टीम इंडिया खिताबी जीत हासिल करने में नाकाम रही लेकिन वो दोनों मौकों पर फाइनल में पहुंची।
धोनी और टीम इंडिया के लिए पिछला एक सीजन बेहद निराशाजनक रहा है। नये सीजन में टीम इंडिया को तीनों फॉर्मेंट में एक से बढ़कर एक कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में अच्छी शुरुआत के लिए श्रीलंका से बेहतर और जगह क्या हो सकती है जहां पर टीम इंडिया ने सिर्फ 3 साल के भीतर 2 वन-डे सीरीज और 2 ट्रॉफी जीती है और 2 बार खिताबी मुकाबलों के फाइनल में भी पहुंचे हैं।
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