नई दिल्ली। आधे हिंदुस्तान में गंभीर बिजली संकट खड़ा हो जाने के बाद देश को भीषण संकट का सामना करना पड़ रहा है। हाल यह है कि आवश्यक सेवाएं भी ठप हो गई हैं। न अस्पतालों में बिजली है न सरकारी दफ्तरों में। देश को जोड़ने वाली ट्रेनों को भी जहां तहां रोकना पड़ा है। यात्रियों को परेशानी से बुरा हाल है। नई दिल्ली से लेकर मुगलसराय तक करीबन 125 ट्रेनें रोक दी गई हैं।
देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां मेट्रो सेवा पूरी तरह से ठप हो गई है। डीएमआरसी ने यात्रियों के पैसे वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रास्ते में रुकीं मेट्रो ट्रेनों को पास के स्टेशन पर लाकर यात्रियों को बाहर निकाला जा रहा है। स्टेशनों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मेट्रो बंद हो जाने के बाद सड़क पर उतरे दिल्लीवासियों को सड़कों पर भी संकट का सामना करना पड़ रहा है।

बसें जहां खचाखच भरी हुई हैं तो सड़कों पर भारी जाम देखने को मिल रहा है। ट्रैफिक सिंगनल्स काम नहीं कर पा रहे हैं। दिल्ली के अस्पतालों को इनहाउस पावर बैकअप का सहारा लेना पड़ा है। राहत की बात ये हैं कि आईसीयू कुछ देर तक इस प्रणाली से काम कर सकते हैं। एम्स और सफदरजंग जैसे बड़े अस्पतालों ने भूटान से हाइडल पावर की मांग की है। भीषण संकट में वीवीआईपी क्षेत्रों के लिए 100 मेगावाट बिजली की सप्लाई की गई है।
बिहार में दर्जन भर से ज्यादा महत्वपूर्ण गाड़ियां स्टेशनों पर खड़ी।
1. हटिया – पटना – गया स्टेशन पर खड़ी
2. पूर्वा एक्सप्रेस – झाझा स्टेशन पर खड़ी।
3. दादर – हावड़ा एक्सप्रेस – खुसरूपुर स्टेशन पर
4. धनवाद एक्सप्रेस – झाझा स्टेशन पर
5. विक्रम शिला एक्सप्रेस – मुकामा स्टेशन में खड़ी।
6. मगध एक्सप्रेस- दानापुर स्टेशन पर खड़ी है।
7. पटना-गया- मकदूमपुर पर खड़ी।
8. पटना-बक्सर - आरा स्टेशन पर खड़ी
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