पुणे। पुणे में कल हुए चार धमाकों को 15 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका है लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। इस मामले को लेकर गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। ये बैठक गृह मंत्रालय में सुबह दस बजे शुरू हुई। डेढ़ घंटे चली बैठक में धमाके के सभी पहलुओं पर विचार किया गया। इस बैठक में आईबी के निदेशक और केंद्रीय गृह सचिव आर के सिंह भी शामिल हुए। बैठक से पहले गृह सचिव ने मीडिया से कहा है कि पुणे में 45 मिनट के भीतर जिस तरह से धमाके हुए, उससे लगता है कि धमाकों को एक योजना के तहत अंजाम दिया गया। गृह सचिव के मुताबिक मौके पर एनएसजी, एनआईए की टीम पहुंची हुई हैं और जांच अभी शुरुआती दौर में है। आर के सिंह का कहना है कि जो दो विस्फोटक डिफ्यूज किए गए हैं, उनकी जांच जारी है।
केंद्रीय गृह सचिव आर के सिंह का कहना है कि पुणे में हुए चार सीरियल धमाके एक योजना के तहत किए गए हैं, ऐसे में किसी आतंकी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। गृह सचिव के मुताबिक जांच अभी शुरुआती दौर में है और जल्द ही इस मामले में कोई सुराग मिल सकता है। सिंह ने हालांकि योजनाबद्ध तरीके से किए गए हमले की बात मानी।

धमाकों की शुरुआती जांच में यह बात तय होती दिखाई दे रही है कि इसमें शामिल लोगों को तकनीक का अच्छा ज्ञान है। एजेंसिया अभी इस बात की जांच कर रही हैं कि आखिर धमाके तीव्रता कम होने के बावजूद कितनी थी। अभी तक धमाकों से जुड़ी केवल यह जांचना बाकी रह गया है कि इसका उद्देश्य क्या था?
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