लंदन। आज लंदन महाकुंभ में एक ऐतिहासिक दिन है। आज भारतीय मुक्केबाजी के लिए सबसे बड़ा दिन है क्योंकि आज मैरीकॉम भारत को बॉक्सिंग में पहला सिल्वर मेडल पक्का करने के लिए रिंग में उतरेंगी। बेमिसाल मैरी ने महिला मुक्केबाजी में भारत का पहला मेडल पक्का करके इतिहास रच दिया था और अब उम्मीद है कि आज मैरीकॉम अपना सेमीफाइनल मैच जीतकर मेडल का रंग बदल देंगी।
20 अगस्त 2008 वो तारीख थी जब विजेंदर सिंह ओलंपिक्स में भारत के लिए बॉक्सिंग में पहला मेडल जीता था। आज 4 साल बाद एमसी मैरीकॉम भारतीय मुक्केबाजी में एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार हैं।

जोश जज्बा जूनून और काबिलियत में मैरीकॉम किसे से कम नहीं है और ऐसे में आज उनसे जीत की उम्मीद गैरवाजिब नहीं लेकिन मैरीकॉम के सामने सेमीफाइनल में भी बहुत बड़ी चुनौती है। निकोला एडम्स वो ही खिलाड़ी है जिन्होंने मैरीकॉम को ओलंपिक क्वालिफायर के क्वार्टरफाइनल में मात दी थी। विश्व नंबर 2 निकोला ओलंपिक मेजबान ग्रेट ब्रिटेन की मुक्केबाज है और ऐसे में उन्हें घरेलू दर्शकों का पूरा समर्थन भी मिलेगा।
सेमीफाइनल की चुनौती मुश्किल ही सही लेकिन जिंदगी में बड़ी बड़ी चुनौतियों को पार करने वाली मैरीकॉंम इस चुनौती को पार करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही और इस कोशिश में उनको पूरा साथ भी मिल रहा है।
मैरीकॉम ने लंदन महाकुंभ में वो कर दिखाया है जो अभी तक कोई पुरुष बॉक्सर नहीं कर पाया है अब उम्मीद है कि आज मैरी वो कर गुजरेंगी जो आने वाला इतिहास कभी भुला नहीं पाएगा।
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